इसका असर प्रदूषण के स्तर पर पड़ा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक सौ से नीचे आ गया। इसे सेहत के लिहाज से हर तरह से अच्छा माना जा रहा है। हवा की ऐसी गुणवत्ता पिछले वर्ष भी लॉक डाउन के दिनों में ही देखी गई थी। हालांकि पिछले रविवार को यह सूचकांक और भी कम था। इस बार लगन के कारण थोड़ी चहल-पहल को भी इस बदलाव का असर माना जा रहा है।
शनिवार को दिन में वायु गुणवत्ता की स्थिति
सुबह साढ़े 5 बजे: 159
सुबह साढ़े 7 बजे: 176
सुबह साढ़े 9 बजे: 163
सुबह साढ़े 11 बजे: 153
दोपहर डेढ़ बजे: 124
अपराह्न साढ़े तीन बजे: 93
कोरोना के कारण जब शुद्ध वायु के लिए लोग परेशान हैं तो यह स्थिति सुकून देने वाली है। वायु गुणवत्ता सूचकांक सौ से कम होना सेहत के लिए काफी अच्छा है। इस हवा में प्रदूषण का स्तर बेहद कम रहता है। पिछले वर्ष लॉक डाउन में भी एक्यूआई इसी लेबल पर था। -पंकज जायसवाल, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा।