जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने सिंगरामऊ थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी बबुआ उर्फ सुरजीत निवासी कुधुआ, सिंगरामऊ को कोर्ट ने 10 वर्ष की सजा और 33 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुर्माना की समस्त धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।
घटना की प्राथमिकी पीड़िता की मां ने सिंगरामऊ थाने में दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार 18 अप्रैल 2022 को 7 बजे शाम 17 वर्षीय पीड़िता को बबुआ उर्फ सुरजीत बहला-फुसला कर लेकर चला गया। उसने फोन कर पीड़िता के घर पर बताया कि वह उसकी लड़की को लेकर चला गया है और कोई कार्रवाई न करें।
18 अप्रैल 2022 को पीड़िता को कानपुर ले गया और वहां उसके साथ शादी का झांसा देकर बहला-फुसला कर दुष्कर्म किया। प्राथमिकी होने पर आरोपी उसे कानपुर से लाकर घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए सजा सुनाई। संवाद