वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पीसी पातंजलि ने कहा कि व्यक्तित्व विकास के लिए अध्ययन पर समुचित समय देते हुए उत्कृष्ट वातावरण बनाने की जरूरत है।
आपके समक्ष चुनौतियां कई हैं लेकिन आत्मविश्वास से उनके मुकाबले की योजना बनानी होगी। वह गुरुवार को संगोष्ठी भवन में बीटेक एवं बीफार्मा के नवागत विद्यार्थियों के लिए कैरियर काउंसलिंग एंड ओरिएंटेशन प्रोग्राम में बतौर मुख्य
अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अध्यापकों से कहा कि आज दुनिया बदलाव की ओर है, हमें उस बदलाव के दौर में अपने पांव मजबूती से गड़ाने हैं। अपने को सदैव अपडेट करते रहे।
आप नौकरी निश्चित रखने के लिए पढ़ाई न करें, आप नौकरी देने के लिए ज्ञान अर्जित करें। मुख्य वक्ता प्रो. अनुज जैन ने कहा कि जीवन में क्यों और कैसे का बहुत बड़ा महत्व है।
अपनी जिज्ञासा को सदैव जागृत रखना चाहिए। जब तक आप प्रश्न पूछते रहेंगे तरक्की के रास्ते खुलते रहेंगे। अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि आज परिवर्तन का दौर है जो कि वैश्विक है।
इसमें रहते हुए हम अपने को सुदृढ़ बनाएं और समय का सदुपयोग करें। आज देश इसके लिए प्रयत्यनशील हैं कि उसकी आने वाली पीढ़ी की शिक्षा उत्कृष्ट और बेहतर संस्थान में हो।
कार्यक्रम की शुभारंभ पूर्व कुलपति डा. प्रेमचन्द पातंजलि एवं एमएनआईटी इलाहाबाद के प्रो. अनुज जैन ने किया। कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
डा. मानस पांडेय, प्रो. एके श्रीवास्तव, डा. प्रवीण प्रकाश, डा. राजकुमार सोनी, डा. संतोष कुमार, डा. रवि प्रकाश, डा. संजीव गंगवार, धर्मेंद्र कुमार, रजनीश भाष्कर, सुरजीत कुमार, एवं डा. आशुतोष कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किया। आशुतोष सिंह ने आभार जताया।
संचालन डा. एचसी पुरोहित ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अविनाश पाथर्डिकर ने दिया। इस मौके पर अवसर पर डा. मनोज मिश्र, डा. अवध बिहारी सिंह, अमरेंद्र सिंह, शैलेष प्रजापति, अमित वत्स आदि रहे।