पिछले वर्ष ओलावृष्टि से नुकसान हुए रबी की फसलों का मुआवजा लाखों किसानों को नहीं मिल पाया है। किसान अभी भी मुआवजा मिलने की आस लगाए बैठे हैं। वर्ष भर में मात्र दो लाख 38 हजार 051 किसानों को ही फसलों की क्षति का मुआवजा मिल सका है। जबकि 4.84 लाख 425 किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
पिछले साल गेहूं की फसल खेतों में पक कर तैयार थी, उसी दौरान अचानक ओलावृष्टि व बारिश हो गई थी। इससे किसानों की गाढ़ी कमाई चौपट हो गई थी। सरकार ने किसानों का आंसू पोंछने की कोशिश की और एलान किया कि सरकार किसानों को मुआवजा देगी। फसलों के क्षति का आंकलन कर किसानों को मुआवजा देने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया गया था।
जिसके क्रम में लेखपाल द्वारा घर-घर जाकर फसलों के नुकसान का आंकलन कर किसानों को चयनित किया गया था। इस दौरान पूरे जनपद में सात लाख 22 हजार 476 किसानों का चयन मुआवजा देने के लिए किया गया था। साल बीतने के बाद भी अभी तक दो लाख 38 हजार 051 किसानों को ही फसलों के क्षति का मुआवजा दिया जा सका है। अभी भी चार लाख 84 हजार 425 किसान फसलोें के क्षति की मुआवजा नहीं दिया जा सका है, जो मुआवजा पाने की बाट जोह रहे हैं।