जौनपुर। शहर में आबादी के बीच 12 स्थानों पर अवैध वाहन स्टैंड संचालित हो रहे हैं। घनी आबादी में अवैध वाहन स्टैंड की वजह से प्राय: शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। जिससे लोगों को न सिर्फ आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उनका समय भी बर्बाद होता है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर में अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहन स्टैंडों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देशित भी किया है।
गौरतलब है कि सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में अभी भी 12 स्थानों पर धड़ल्ले से प्राइवेट वाहन स्टैंड संचालित हो रहे हैं, जिसमें सिपाह, बदलापुर पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव, मडि़याहूं पड़ाव, मल्हनी पड़ाव, शाहगंज पड़ाव, जेसीज पड़ाव, केराकत पड़ाव, पालिटेक्निक चौराहा, भंडारी स्टेशन पड़ाव, सद्भावना चौराहा, पंचहटियां तिराहा है। इन वाहन स्टैंडों से विभिन्न स्थानों के लिए वाहनों का संचालन होता था। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए इन वाहन स्टैंडों पर जाकर बैठते हैं, लेकिन इन बसों के आबादी के बीच से होकर गुजरने की वजह से जाम लग जाता है, जिससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। कारण वे इसको लेकर सीएम के आदेश के बाद फिर लापरवाह बन गए हैं, हालत यह है कि फिर पहले जैसी स्थिति हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन करने में परेशानी हो रही है।
रोडवेज परिसर से सवारी बैठाते हैं प्राइवेट वाहन संचालक
जौनपुर रोडवेज डिपो परिसर में से भी इस समय प्राइवेट बसें यात्रियों को बैठाने का काम कर रही हैं, जिससे यात्रियों को पता नहीं चल पता है कि यह बसें प्राइवेट या फिर रोडवेज की हैं। ऐसे में यात्री भी पूरे इत्मिनान के साथ बसों पर बैठ जाते हैं, जब उन्हें बीच रास्ते में पता चलता है कि वे प्राइवेट वाहन पर बैठे हैं तो वे परेशान हो उठते हैं। ऐसा ही नजारा मंगलवार को रोडवेज डिपो में देखने को मिला। एआरएम विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि किसी हालत में डिपो परिसर से प्राइवेट बसों को यात्री नहीं बैठाने दिया जाता है। मंगलवार केेे डिपो के सामने सड़क पर एक प्राइवेट बस में यात्रियों को बैठाया जा रहा था जिसे सीज कराया गया है।
वर्जन
शहर में चल रहे सभी अवैध वाहन स्टैंड को बंद करा दिया गया है। फिर भी अगर कोई वाहन स्टैंड संचालित हो रहा है, तो इसकी जांच कराकर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - रजनीश राय, अपर जिलाधिकारी भू व राजस्व