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लंबी कतारों में मारामारी, फिर भी नहीं मिल पा रहे टिकट

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जौनपुर। लॉक डाउन समाप्त होने के बाद भी जौनपुर जंक्शन से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों का संचालन नहीं हो पाया है। महज चार जोड़ी ट्रेन ही इस रुट से गुजर रही हैं। बावजूद परदेश जाने के लिए टिकट काउंटर पर लोगों की भीड़ लग रही है। काउंटर खुलने से पहले ही लोग लाइन में खड़ा होकर अपने बारी का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेनों के आने के आधे घंटा पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है, लेकिन ट्रेनों से उतरने वालों के जांच की कोई व्यवस्था नहीं है।
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लॉक डाउन से पहले जौनपुर जंक्शन से कुल 24 जोड़ी ट्रेनें होकर गुजरती थी। लॉक डाउन बावजूद मात्र चार ट्रेन ही संचालित हो रही हैं। इसमें ताप्ती गंगा, सुहेलदेव, सावरमती और बांद्रा एक्सप्रेस है। आरक्षित टिकट लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ स्टेशन पर लग रही है। बृहस्पतिवार को भी तत्काल सेवा व सामान्य आरक्षण टिकट लेने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। टिकट काउंटर खुलने से पहले ही दर्जनों लोग लाइन लगा चुके थे। ज्यादातर लोग मुंबई और गुजरात का टिकट लेने आए थे। अपराह्न दो बजे तक 100 से अधिक टिकट बिक गया था। तत्काल सेवा में एसी का कोई टिकट नहीं बना। महानगरी एक्सप्रेस में स्लीपर कोच की सिर्फ दो बुकिंग हो पाई, तब तक सीट भर गई। तमाम यात्रियों को मायूस लौटना पड़ा।
स्टेशन अधीक्षक कार्यालय सहित वेटिंग रुम पर लटका रहा ताला
जौनपुर। भंडारी रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म एक पर स्थित स्टेशन आीक्षक के कक्ष का ताला 11 बजे खुला, लेकिन ठीक बगल स्थित यात्री प्रतिक्षालय के दरवाजे पर ताला लटकता रहा। इस कारण यात्री थर्मल स्क्रीनिंग के बाद यात्री प्रतिक्षालय में नहीं बैठ पाते हैं। उन्हें प्लेटफार्म पर ही खड़ा होकर ट्रेन के आने का इंतजार करना होता है।
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मैं पावर केबिन में बैठा था, जिस कारण मेरे कक्ष का ताला बंद था। यात्रियों की संख्या कम होने से प्रतीक्षालय नहीं खोला जा रहा। स्टेशन से ट्रेन पकड़ने वाले प्रत्येक यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है। मास्क लगाने वालों को ही टिकट दिया जा रहा है। सोशल डिस्टेंस का भी पालन कराया जा रहा है। -वेदप्रकाश सिंह, स्टेशन अधीक्षक, जौनपुर जंक्शन।
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