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शहर में दावा 24 घंटे का, मिल रही 18 घंटे बिजली

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शहर में 24 घंटे बिजली देने का भले ही शेड्यूल हो, लेकिन हकीकत मेें 18 घंटे से अधिक बिजली नहीं मिल पा रही है। हालत यह है कि कई बार हर आधे-एक घंटे पर बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हो रही है, जिससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जिम्मेदार फाल्ट व ओवरलोड के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होना बता रहे हैं। लगभग यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों में भी है, लेकिन सबसे अधिक समस्या ट्रांसफार्मर जलने पर हो रही है। उसे तय समय नहीं बदला जा रहा है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रहने को विवश हो रहे हैं। इससे खेती किसानी का कार्य भी प्रभावित होता रहता है, जिससे ग्रामीणों को दिक्कत होती है।
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जिले में पांच लाख 80 हजार बिजली उपभोक्ता है। इन उपभोक्तओं के यहां बिजली उपलब्ध करने के लिए 63 बिजली उपकेंद्र हैं। वहीं 48 हजार ट्रांसफार्मर है, लेकिन जिम्मेदारों के लापरवाही के कारण लोगों को शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। हालत है कि कभी फाल्ट के नाम पर तो कभी अन्य कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होती है। लगभग यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। इन क्षेत्रों में भी शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। सिर्फ 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, लेकिन सबसे अधिक दिक्कत ट्रांसफार्मर जलने से हो रही है, जबकि 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का नियम है, लेकिन एक सप्ताह व एक पखवारे में बदलने का कार्य किया जाता है। सिंगरामऊ: क्षेत्र में 10 से 12घंटे ही बिजली मिल रही है, जबकि 18 घंटे बिजली आपूर्ति करने का शेड्यूल है। मड़ियाहूं: विद्युत आपूर्ति का रोस्टर 21 घंटे का है, लेकिन 18 घंटे ही बिजली मिल रही है। गौराबादशाहपुर: लगभग 15 घण्टे बिजली मिल रही है। बदलापुर: एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति रोस्टर के मुताबिक नहीं मिल पा रही है। कभी 10 घंटे तो कभी 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। खेतासराय: ग्रामीण क्षेत्र में बादशाही फीडर से मानीकलां, गुरैनी ,मनेच्छा, पोराईकला पोराई खुर्द जैगहा मुस्तफाबाद गुरदौली ,अमरथुआ ,लखमापुर लतीफपुर आदि गांव में 9 से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति हो रही है। मछलीशहर विद्युत उपकेन्द्र से ग्रामीण इलाकों में16 घंटे तथा नगरीय इलाकों में 22 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है। नगर में सुबह एक घंटे तथा सायं चार घंटे रोस्टिंग होती हैं। बाकी दिन में लोकल फाल्ट आने पर कटौती होतीं है। इसी प्रकार ग्रामीण इलाकों में आठ घंटे कटौती होती हैं 10 से 12घंटे बिजली मिलती है।लोकल फाल्ट के चलते प्राय: दिनभर आपूर्ति ठप रहती हैं।
वर्जन...
- 132/33 केवी उपकेंद्रों से ओवर लोडिंग व इमरजेंसी रोस्टिंग के कारण शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। वहीं लोकल फाल्ट से भी बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। - कल्लन प्रसाद, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण निगम खंड द्वितीय
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