कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में बाल श्रम विषय संगोष्ठी में बोलते सहायक श्रमायुक्त बीएन दुबे।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में शुक्रवार को प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें चलचित्र के माध्यम से बाल श्रम को रोकने का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही बालश्रम कराने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
यूनीसेफ से रावेन्द्र सिंह जादौन ने चलचित्र में माध्यम से बाल श्रम के रोकथाम के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश 22 मई 2008 राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अनुपालन में बाल श्रमिकों का चिन्हांकन, शैक्षणिक पूनर्वासन एवं परिवारों का आर्थिक पूनर्वासन के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दिया।
साथ ही अधिकारियों को जिले में कहीं भी बाल श्रमिक पाए जाने पर संबंधित विभाग को अवगत कराने का निर्देश दिया। सहायक श्रम आयुक्त बीएन दुबे ने विभागीय दायित्वों के बारे में एवं टास्कफोर्स सदस्यों के जिम्मेदारियों के बारे में बताया। इस दौरान उपस्थित लोगों से बाल श्रम के बारे में प्रश्न पूछे गए। जिन्हे मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने उचित जबाब भी दिया।
बाल न्यायाधीश संजय उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश के ही नहीं अन्य प्रदेशों से भी बाल श्रमिक जिले में मेरे समक्ष प्रस्तुत किए गए। जिन्हे र्रामनगर बाल संरक्षण गृह भेजा गया है। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा नेम सिंह, लीड बैंक अधिकारी अमित सेन गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी अशोक सोनकर, डूडा अधिकारी एमपी सिंह, पुलिस निरीक्षक ओमकार सिंह, श्रम प्रर्वतन अधिकारी एसएन सिंह, बीएन चौबे, सर्वेश चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।