जेसीज चौराहे पर लगा सीसी टीवी कैमरा।
शहर में निगहबानी के लिए 46 सीसीटीवी कैमरे लगाए तो गए हैं, लेकिन इसमें से 34 खराब पड़े हैं। 12 कैमरों के भरोसे निगहबानी की जा रही है। ऐसे में शासन की मंशा सार्थक सिद्ध नहीं हो पा रही है।
शहर में आपराधिक घटनाओं और यातायात के मद्देनजर सभी मुख्य चौराहों और तिराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिसमें ओलंदगंज में 08, चहारसू चौराहे पर 04, कोतवाली चौराहे पर 04, जिला जेल पर 03, कोतवाली पर 03 और अन्य चौराहों के तकरीबन 12 कैमरे खराब पड़े हैं।
पालिटेक्निक चौराहे पर 04, जेसीज चौराहे पर 04, वाजिदपुर तिराहे पर तीन कैमरे तो काम कर रहे हैं। चौराहों पर लगे इन कैमरों की वजह के पुलिस को कई घटनाओं में अपराधियों की पहचान करने में भी सहायता मिली है।
इधर शहर के चौड़ीकरण की वजह से जगह जगह खुदाई से कैमरे खराब हो गए हैं। जिसकी वजह से ठीक ढंग से निगहबानी कंट्रोल रूम से नहीं हो पा रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो सिर्फ 12 कैमरे ही काम कर रहे हैं। टीएसआई ने इसकी गोपनीय रिपोर्ट एसपी को दी है।
जिसमें इस बात का खुलासा किया है। वारदात करके भागने वालों की पहचान के लिए शहर की बाहरी सीमा पर सभी सड़कों पर मूविंग सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी पूर्ण कर ली गई है।