हड़ताल पर रहे कामगार, दफ्तरों में सन्नाटा
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- बैंक, डाक, पीडब्लूडी, आंगनबाड़ी समेत कई विभागों के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
- बैंकों की हड़ताल से प्रभावित हुआ 1.20 करोड़ का कारोबार
संवाद नयूज एजेंसी
जौनपुर। सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण, श्रम कानून में बदलाव समेत सरकार के कई अन्य फैसलों के खिलाफ आंदोलित बैंक, डाक, लोक निर्माण विभाग समेत विभिन्न संगठनों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। बैंकों की हड़ताल के चलते करीब 1.20 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार श्रमिकों में बने कानून थे उन सभी कानूनो को समाप्त कर श्रम संहिता के रूप में चार परिवर्तन किए हैं। इन कानूनो के लागू होने पर श्रमिक संगठनों का रजिस्ट्रेशन कराना और अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल करना भी असंभव हो जाएगा।
केंद्रीय श्रम संगठन, औद्योगिक फेडरेशन कर्मचारी संगठन के अह्वन पर बुधवार को बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। मौसम खराब होने के बाद भी लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। कलेक्ट्रेट में आयोजित धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांग है कि सभी श्रमिकों के लिए 21 हजार न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए और सरकार सरकारी उपक्रमों का निजीकरण बंद करे। आंगनबाड़ी, आशा, रोजगार सेवक, ग्रामीण चौकीदार, पार्कों व स्मारकों में कार्यरत कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। यहां आंगनबाड़ी की अध्यक्ष सुनीता यादव, पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीबी सिंह, राज्य कर्मचारी महासंघ के कार्यवाहक अध्यक्ष अजय सिंह, श्रमिक संघ पीडब्ल्यूडी के राजेंद्र यादव, बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन के मंत्री आरपी सिंह, अजय चौरसिया आदि ने संबोधित किया। संचालन नीरज श्रीवास्तव ने किया। उधर अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ ने प्रधान डाकघर में तालाबंदी कर मुख्य गेट पर प्रञदर्शन किया। संगठन के सचिव रामउजागिर यादव ने सरकार की कर्मचारी विरोधी, श्रम विरोधी एवं आर्थिक नीतियों की आलोचना की। उध एआईडीएसओ, किसान संगठन, कर्मचारी संगठनों ने बदलापुर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। जुलूस यस यू सी आई कार्यालय से निकाल कर नारेबाजी करते पुराना पड़ाव , थाना गेट के सामने से इन्दिरा चौक होते हुए तहसील परिसर में सभा के रूप में तब्दील हो गया। यहां रविशंकर मौर्य ने संबोधित किया। अध्यक्षता रामगोविंद सिंह तथा संचालन मिथिलेश कुमार ने किया। इस अवसर पर दिलीप कुमार, अलगूराम, दिनेश मौर्य, संतोष प्रजापति, हीरालाल गुप्ता, रामगोविंद सिंह, इंदु कुमार शुक्ला, राजेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।