नगर के विकास का खाका तो खींचा जाता है, लेकिन बजट के अभाव में उसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा पाता। नगर पालिका परिषद की ओर से 34.8 करोड़ के बजट की मांग डिमांड की गई है, लेकिन चार माह बाद भी बजट न मिलने से विकास का पहिया थम गया है।
शहर में कुल 39 वार्ड हैं। कई वार्डों में सड़क, नाली, पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने से वार्डवासियों को परेशानी होती है। सबसे ज्यादा दिक्कतें शहर में जल निकासी की समस्या और बदहाल सड़क से हो रही है। सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें तो बनाई गईं हैं, लेकिन अब भी कई मार्गों की मरम्मत नहीं हुई है। इससे आवागमन में लोगों को समस्या होती है।
अब सभी वार्डों में इन खराब सड़कों की मरम्मत पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत कराई जानी है। इसके साथ ही सड़क किनारे नालियों का निर्माण भी कराया जाएगा। इसमें कुल 21 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अभी जिन मार्गों की सड़कें टूटी हैं, उनमें मैहर देवी मंदिर से ओलंदगंज मार्ग, कालीकुत्ती से रुहट्टा संपर्क मार्ग, ईशापुर मार्ग, कूत्तूपुर तिराहे से चांद मेडिकल तक, ईशापुर, बोदकरपुर, नईगंज आदि क्षेत्रों में कार्य कराया गया। इन क्षेत्रों में जल निकासी की सुविधा न होने से थोड़ी बारिश में भी सड़कों और मोहल्लों में पानी भर जाता है।