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UP By-Election Malhani Result: 22 बूथों पर नहीं खुला बसपा का खाता, 52 बूथों पर भाजपा दहाई से भी कम

Thu, 12 Nov 2020 12:04 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी मनीष जायसवाल, अमर उजाला, जौनपुर
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मल्हनी उपचुनाव। - फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर जिले की मल्हनी विधानसभा सीट के उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा और बसपा को बड़ा झटका दिया है। बड़े जनाधार वाले दोनों ही राष्ट्रीय दलों ने सिर्फ जमानत ही नहीं गंवाई, साख भी खोई है। मल्हनी में 22 बूथ ऐसे रहे, जहां बसपा खाता भी नहीं खोल सकी। केंद्र और प्रदेश की सत्ता में आसीन भाजपा 52 बूथों पर दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। 11 बूथ ऐसे रहे, जहां उसे सिर्फ 10 वोट मिले। ये आंकड़े दोनों ही दलों के लिए सबक भी हैं कि उन्हें मल्हनी में पैर जमाने के लिए जमीनी स्तर पर अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है।

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उलझे सियासी समीकरणों वाले मल्हनी में जीत का झंडा गाड़ने के लिए दोनों ही दलों ने पूरा जोर लगा दिया था। भाजपा की सक्रियता इसलिए भी ज्यादा थी कि केंद्र और प्रदेश की सत्ता उनके हाथों में है। माहौल को अपने अनुकूल बनाने के लिए पार्टी ने पूरा जोर लगाया।

सांसद, विधायक समेत कई वरिष्ठ नेताओं को घर-घर भेजा, ताकि वह जनता को अपनी बात समझा सकें। विडंबना है कि तेज तर्रार नेताओं की फौज उतारने के बाद भी उसे कई बूथों पर इतने वोट भी नहीं मिले कि वह दहाई का आंकड़ा छू सके।
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मल्हनी विधानसभा उपचुनाव। - फोटो : अमर उजाला
मतगणना में मिले वोटों पर गौर करें तो भाजपा प्रत्याशी को 52 बूथों पर दस से कम वोट मिले हैं। कन्या बेसिक प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमपुर के बूथ संख्या 303-ए पर पार्टी को सिर्फ एक वोट मिला है। यहीं के बूथ संख्या 304-ए पर दो और 304 पर आठ वोट प्राप्त हुए हैं।

बूथ संख्या 104, 144, 221, 286-ए पर भी उसे दो-दो वोट मिले। अन्य बूथों पर भी संख्या 3 से 9 के बीच ही रही। कुल 11 बूथ ऐसे रहे, जहां प्रत्याशी ने दहाई का आंकड़ा तो छुआ, लेकिन दस से आगे नहीं बढ़ सके। पचास से भी कम वोट वाले बूथों की संख्या भी बहुत है।

इतनी कवायद के बाद भी यह हाल दर्शाता है कि भाजपा नेता जनता की नब्ज पकड़ पाने में नाकाम रहे। जनता उन्हें वोट के लिए आश्वासन का झुनझुना थमाती रही और वह उसी में लीन रहे। तीसरे से चौथे स्थान पर खिसकी बसपा की हालत और भी बुरी है। सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय का नारा देने वाली पार्टी को 22 बूथ पर एक भी वोट न मिल पाना चुनाव से पूर्व उनकी कसरतों की हकीकत बयां कर रही है।
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