पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित होने के बाद मृत शिक्षिका कल्याणी अग्रहरि के घर सोमवार को पहुंचे बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बकाए वेतन का चेक पति दीपक अग्रहरि को सौंपते हुए संवेदना व्यक्त की। उनके साथ खंड शिक्षा अधिकारी अरुण यादव भी मौजूद रहे।
कंपोजिट विद्यालय ओइना में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात शिक्षिका कल्याणी अग्रहरि गर्भवती थीं। फिर भी उनकी ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगा दी गई थी। उन्होंने अल्ट्रा साउंड रिपोर्ट के साथ ड्यूटी से मुक्त किए जाने के लिए प्रार्थना पत्र प्रभारी अधिकारी मतदान कार्मिक को दिया था, लेकिन कल्याणी को ड्यूटी से मुक्त नहीं किया गया। ड्यूटी के दौरान ही वह कोरोना से संक्रमित हो गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में तीन दिन तक भटकते रहे, लेकिन कहीं बेड नहीं मिला। 24 अप्रैल को जिला अस्पताल में बेड मिला भी तो भर्ती होने के दो घंटे बाद ही उनकी मौत हो गई थी। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी सोमवार को कल्याणी अग्रहरि के पटैला गांव स्थित आवास पहुंचे। जहां उनके पति दीपक को बकाया बेतन का 1.96 लाख रुपये का चेक सौंपा। उधर, फतेहगढ़ गांव निवासी दिवंगत प्रधानाध्यापिका पुष्पा सिंह, डेहरी गांव निवासी मृत शिक्षक राजबहादुर यादव, बिसुनपुर गांव निवासी हरिमोहन यादव तथा बद्दोपुर गांव निवासी मृत शिक्षामित्र अनीता यादव के स्वजनों को शिक्षक संघ ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया। इस मौके पर राजकुमार यादव, अरविंद यादव, मेवालाल यादव, प्रमोद यादव, वीरेन्द्र मौर्या, शशिकांत, जयप्रकाश, सुरेंद्र सिंह, आलोक, मिठाई लाल आदि मौजूद रहे।