वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरआर यादव ने कहा कि पुस्तकें समाज का दिशा निर्देशन करती हैं। इस पुस्तक में लेखक ने धरती को स्वर्ग की उपमा देकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। यह पुस्तक आने वाले समय में ही समाज के लिए उपयोगी साबित होगी।
वह विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में रविवार को धरती पर स्वर्गमय जीवन पुस्तक का लोकार्पण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य से विरत होने के बाद भी समाज हित में इस तरह की पुस्तकों को लिखना सराहनीय कार्य है। पुस्तक में परिवार और समाज के प्रति सच्चा और ईमानदार बनने की प्रेरणा दी गई है। परिश्रमी और परोकारी व्यक्ति का जीवन ही सुखमय और आनंदित हो सकता है।
राज्यमंत्री गिरीश चंद यादव ने कहा कि एक शिक्षक कभी भी अवकाश ग्रहण नहीं करता। वह जीवन भर समाज को कुछ न कुछ देता रहता है। लेखक चित्रसेन सिंह ने वर्तमान परिवेश में इस तरह की पुस्तक को लिखकर समाज को नई दिशा देने का काम किया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी सिंह ने कहा कि यह पुस्तक समाज का दिशा निर्देशन करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। पुस्तक के लेखक ने वर्तमान सामाजिक और नैतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए अनोखी पहल की है। शिक्षक के रूप में चित्रसेन सिंह ने अपने संयमित जीवन से समाज और बच्चों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया है।
पुस्तक के लेखक जाने माने साहित्यकार चित्रसेन सिंह ने कहा कि यह पुस्तक वर्तमान सामाजिक, पारिवारिक और नैतिक मूल्यो पर आधारित है। समाज में आई गिरावट और नैतिक मूल्यों के हो रहे क्षरण को देखते हुए उनके मन में पुस्तक लिखने का भाव जागृत हुआ। इस पुस्तक के माध्यम से लोगों को सामाजिक और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया है। इस दौरान शिव कुमार सिंह, डा. पीसी विश्वकर्मा, सभाजीत सिंह, दिवाकर सिंह, डा. एसपी सिंह, डा. अमित वत्स, डा. मनोज वत्स, सुरेश सिंह, राकेश सिंह, पवन सिंह, गिरीश चंद श्रीवास्तव मौजूद थे। संचालन प्रो. आरएन सिंह ने किया।