इरान की राजधानी तेहरान और ईरानी संसद पर आईएस द्वारा किए गए हमले के विरोध में शिया समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरीान आंतकवाद का पुतला फूंक कर विरोध जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि आईएस की कार्रवाई इंसानियत के खिलाफ है।
शुक्रवार को नमाजे जुमा के बाद शिया जामा मस्जिद में जामा मस्जिद इन्तेजामिया कमेटी ने मौलाना महफुजुल हसन खां का नेतृत्व में प्रदर्शन कर आंतकवादी हमले की निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि इस्लाम विश्व बंधुत्व का संदेश देता है। आईएसआई ने हमले करके इस्लाम को ठेस पहुंचाया है।
महफुजुल हसन खां ने इमाम खुमैनी के मकबरे एवं ईरानी संसद मजलिस के भवन पर हमले को निंदनीय बताया। कहा कि सउदी अरब, इजराईल, अमेरिका का गठजोड़ इस्लाम के विश्व बन्धुत्व के संदेश को खंडित कर रहा है।
शिया जामा मस्जिद के मुतवल्ली शेख अली मंजर डेजी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दुनियां के तमाम मुसलमानों को उठ खड़ा होना चाहिए। आतंकवाद के खेल में पाकिस्तान भी शामिल है। इसलिए दुनियां के तमाम शान्ति प्रिय राष्ट्र आतंकवाद की हिमायत करने वाले राष्ट्रों का अलग कर दें। जौनपुर अजादारी काउंसिल के अध्यक्ष सै. मोहम्मद हसन अध्यक्ष ने भी आतंकवादी हमले की निन्दा की। संचालन असलम नकवी ने किया।
उधर, अजादारी कांउसिल के युवा संगठन ने कसेरी बाजार में आंतकवाद का प्रतीक पुतला दहन किया व आतंकवाद मुर्दाबाद का नारा लगाया। शहीद हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी मगफिरत की दुआ की।
इस अवसर पर तहशीन अब्बास सोनी, रिजवान हैदर राजा, शेख मोहम्मद हसन, ताकिब मिर्जा, एमएम हीरा, अकबर हुसैन जैदी, डा. हाशिम खां, नासिर रजा गुड्डू उपस्थित थे।