जौनपुर। बर्ड फ्ल के मद्देनजर पशुपालन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। 20 पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण करने के लिए सभी 21 ब्लॉकों में रैपिड रिस्पांस टीम (आरआटी) गठित की गई है। एक टीम में चार से पांच सदस्य है। 30 मई तक ये टीमें नियमित पोल्ट्री में जाकर जांच कर विभाग को सूचित करेंगी। एवियन एन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) एक घातक बीमारी है, जो पक्षियों में होते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर विभाग अलर्ट मोड़ में हैं।
जिले में छोटी बड़ी कुल 20 पोल्ट्री फार्म संचालित है। इसमें करीब एक लाख 77 हजार छोटे बड़े मुर्गी के बच्चे हैं। इसकी जांच करने के लिए सभी 21 ब्लॉकों में रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई। एक टीम में कुल चार से पांच पशुकर्मी है। इसमें एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और एक चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है।
उन्होंने बताया कि 30 मई तक टीमें निरंतर पोल्ट्री फार्म की जांच करेंगी। सभी को निर्देशित किया गया है।
बर्ड फ्लू के लक्षण
1-अप्रत्याशित अधिक संख्या में पक्षियों की मृत्यु होना
2-कॉम्ब एवं वेटल्स में सूजन व बैगनी रंग में परिवर्तित होना।
3- पैरों, शैंक में सूक्ष्म रक्त स्राव का होना।
4-दस्त, नाक से स्राव एवं सांस लेने में दिक्कतें
5-अंडा उत्पादन में कमी।
बर्ड फ्लू से बचाव
1-मृत पक्षी को छूने से बचे
2-अफवाहों पर ध्यान न दें।
3- जिन क्षेत्रों में बर्ड फ्लू की सूचना है, वहां भ्रमण करने से बचे
4-संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
5-पोल्ट्री, पोल्ट्री उत्पाद या अन्य पक्षियों को खुले वाहनों से परिवहन न करें।
बर्ड फ्लू को लेकर विभाग अलर्ट है, 20 पोल्ट्री फार्म के जांच करने के लिए सभी 21 ब्लॉकों में आरआरटी टीम गठित की गई है। जो 30 मई तक नियमित जांच करेंगी। — डॉ. ओमप्रकाश श्रीवास्तव सीवीओ