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दिव्यांग की जांच करने पहुंचेगी बीएचयू और जिले की चिकित्सकीय टीम

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मुंगराबादशाहपुर। क्षेत्र के फत्तूपुर कला (कैथापुर) गांव की दलित बस्ती में दिव्यांगता के शिकार दस लोगों की जांच करने के लिए रविवार को बीएचयू और जिले के आठ चिकित्सकों की टीम फत्तूपुर कला गांव पहुंचेगी। स्वास्थ्य टीम दिव्यांग लोगों के ब्लड का नमूना लेने के साथ गांव के पानी सैंपल भी जुटाएगी।
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स्वास्थ्य टीम दिव्यांगता के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर जांच करेगी। स्वास्थ्य टीम की मानें तो परिवार का हर सदस्य शारीरिक रूप से दिव्यांग है। किसी का हाथ टेढा है तो किसी का पैर चलने लायक नहीं है। बच्चे पैदा होने के बाद स्वस्थ रहते हैं लेकिन आठ साल के होने पर उनमें दिव्यांगता के लक्षण दिखने लगते हैं। जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डा. जियाउल हक के नेतृत्व में आठ सदस्यी टीम रविवार को फत्तूपुर गांव दोपहर 11 पहुंचेगी। डा. जियाउल हक ने बताया कि दिव्यांगता की जानकारी होने पर वह पहली बार 28 नवंबर 2018 में फत्तूपुर गांव की विजिट किया था। दिसंबर 2018 में स्वास्थ्य टीम के साथ मौके पर पहुंचकर एंबुलेंस से पीडितों को प्रयागराज मेडिकल कालेज भेजा था। लेकिन वहां के चिकित्सकों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पीडितों को कुछ दवाएं देकर छोड़ दिया। इसके बाद 2019 से कोविड का संक्रमण शुरू हो गया, जिसके कारण पूरी जांच प्रक्रिया डेढ़ बस्ते में चली गई। अब स्वास्थ्य विभाग फिर से गांव के दिव्यांगों की जांच कर उसके कारणों को पता लगाएंगी और पीडि़तों का इलाज किया जाएगा। चिकित्सकों की नजर दिव्यांगता के कारणों पर टिकी हुई है। टीम यह जानकारी करेगी की गांव के पानी, हवा में किसी कमी के कारण ऐसा हो रहा है या फिर कोई दूसरा कारण हैं। क्योंकि पैदा होने का बाद सभी बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ रहते हैं। लेकिन आठ साल की उम्र तक पहुंचने के बाद उनमें दिव्यांगता शुरू हो जाती है।
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