राजस्व विभाग की लापरवाही पड़ी भारी
कबीरुद्दीनपुर गांव में ताइक्वांडो खिलाड़ी अनुराग यादव की निर्मम हत्या के मामले में राजस्व विभाग समय पर गंभीरता दिखाता तो शायद वारदात न होती। मृतक के परिजनों ने शिकायत के बाद भी अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने का आरोप लगाया है।
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भूमि विवाद को लेकर कई बार रामजीत यादव के पक्ष ने कानूनगो, लेखपाल और थाने पर प्रार्थना पत्र देकर स्थलीय निरीक्षण की गुहार लगाई थी। फिर भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा। मृतक के चचेरे भाई रामजस यादव ने बताया कि कई बार थाने पर भी प्रार्थना पत्र दिया गया था। वहीं डायल 112 के पुलिसकर्मियों के करीबी होने से भी आरोपी युवक का हौसला बढ़ने की गांव में चर्चा रही।
आरोपी अक्सर डाॅयल 112 टीम के साथ दुकानों पर बैठता था। कर गपशप करता था। मामले की ठीक से जांच हुई तो तहसील स्तर के अधिकारी भी बेनकाब हो सकते हैं। घटना के बाद मौके पर केराकत, जलालपुर एवं गौराबादशाहपुर थानों की फोर्स और करीब छह सब इंस्पेक्टर सुरक्षा के तहत तैनात कर दिए गए हैं।
अखिलेश ने किया ट्वीट
कबीरुद्दीनपुर गांव में दिनदहाड़े तलवार से काटकर 16 वर्षीय किशोर अनुराग यादव की हत्या के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट करके प्रदेश सरकार की ध्वस्त कानून व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई। यह ट्वीट जिले के सोशल मीडिया अकाउंट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
एक्शन में दिखे एसपी
किशोर की हत्या की घटना के बाद एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा एक्शन में नजर आए। उन्हें जब पता चला कि आरोपी घर के अंदर है तो उन्होंने फौरन हमराहियों से गाड़ी में रखी पिस्टल मांगी और सीधे घर की तरफ चल पड़े। साथ में एएसपी अरविंद वर्मा भी थे। उन्होंने कहा कि तुरंत दरवाजा तोड़िए। दरवाजा खुलते ही वह पिस्टल लेकर अंदर घुस गए। वहां सिर्फ हत्यारोपी का पिता मिला, जिसे पकड़ लिया। इसके बाद मौके से भीड़ को हटाकर पिछले रास्ते से उन्होंने हत्यारोपी के पिता को पुलिस फोर्स के साथ गाड़ी से रवाना करा दिया।