जिले के बदलापुर क्षेत्र के तियरा गांव निवासी इंजीनियर अभिजीत सिंह ने कोरोना की चेन तोड़ने के लिए शादी के लिए बरात नहीं निकाली। अभिजीत और वेदिता ने बेहद सादगी से कोर्ट में शादी की। अमेरिका की कंपनी में साफ्टवेयर डेवलपर अभिजीत और आईआईटी रुड़की में वायरोलॉजी रिसर्चर वेदिता की इस अनूठी शादी की सराहना हो रही है।
वेदिता सिंह शहर के बीपी टीचर्स कालोनी की निवासी हैं। वह आईआईटी रुड़की में वायरोलॉजी रिसर्चर है जबकि अभिजीत सिंह तियरा बदलापुर के रहने वाले हैं। बीच में जब कोरोना का संक्रमण कम हो गया था तभी दनों की शादी की डेट पक्की कर दी गई थी। शादी के लिए वाराणसी एक पांच सितारा होटल बुक कराया गया था। धूमधाम से शादी करने की तैयारी की गई थी लेकिन इधर कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जब हालात बदल गए तो अभिजीत और वेदिता ने तय किया कि अब शादी में न तो बैंडबाजा होगा और न ही बराती। वे बेहद शादगी से कोर्ट में शादी करेंगे। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में दोनों ने कोर्ट में शादी कर ली। वेदिता का कहना है कि जब देश मे इतने सारे लोगों की करोना से मौत हो रही है। तो शिक्षित और जिम्मेदार नागरिक होने के चलते हम किसी को जोखिम में नहीं डाल सकते। वह कहती हैं कि मैं खुद एक वायरोलॉजी फील्ड से हूं और मैं इसकी इस महामारी की गंभीरता को जानती हूं। इसलिए हम लोगों ने तय किया कि हम कोर्ट मैरिज करेंगे । वही अभिजीत का कहना है कि इस महामारी में सभी की सेहत का ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया गया।