जौनपुर। जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने खुटहन थाना क्षेत्र निवासी दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता पदमाकर उपाध्याय और उनके भाई पर जानलेवा हमला के आरोपी सूबेदार सिंह, मीरापुर सरायख्वाजा की जमानत को निरस्त कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश पांडेय, उपेंद्र विक्रम सिंह एवं बृजनाथ पाठक ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए बहस किया। कहा कि 19 जनवरी 2024 की रात 11 बजे जब अधिवक्ता पद्माकर अपने भाई सुधाकर और दिवाकर के साथ जिला अस्पताल से वापस घर आ रहे थे। तभी सूबेदार सिंह एवं अन्य आरोपी गालियां और धमकी देते हुए वादी पद्माकर को रोकने लगे। वादी अधिवक्ता अपनी जान बचाने के लिए कार से थाना खुटहन में प्रवेश किया तो आरोपी भी थाने में घुस गए। अधिवक्ता ने मुंशी से जान बचाने की गुहार लगाई। इतने में आरोपी उन पर हमला कर दिए। थाने के अंदर लाठी डंडे से पीटने लगे। पुलिस के बीच-बचाव से वादी और उसके भाई की जान बची। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सूबेदार की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।