जौनपुर जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र के डेल्हुपुर गांव में स्नातक की छात्रा काजल की संदिग्ध हाल में गोली लगने से मौत के मामले में देर रात पुलिस ने केस दर्ज किया। मृतका के पिता की तहरीर पर मौसेरे भाई धर्मेंद्र को आरोपी बनाया गया है।
घटना के समय धर्मेंद्र ही काजल के साथ कमरे में मौजूद था। गोली लगने से जख्मी छात्रा को अस्पताल पहुंचाने के बाद से वह लापता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उसने काजल को गोली क्यों मारी। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के मल्लूपुर गांव निवासी कुलदीप मौर्य की पुत्री काजल(19) राजा हरपाल सिंह पीजी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह महराजगंज के डेल्हूपुर गांव निवासी फतेहबहादुर मौर्य के घर ननिहाल में एक पूजन कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। मंगलवार की अपराह्न काजल, अपनी बड़ी बहन ऋचा और चचेरा मौसेरे भाई रतासी निवासी धर्मेंद्र के साथ कमरे में मौजूद थी।
परिवार के अन्य लोग छत पर खाना खा रहे थे। ऋचा भी खाना लेने रसोई की ओर चली गई। अचानक कमरे से तेज आवाज होने पर परिवार के सभी लोग उस ओर दौड़े। कमरे में काजल खून से लथपथ पड़ी थी। वहां मौजूद धर्मेंद्र ने अन्य परिजनों ने तत्काल काजल को बदलापुर सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने काजल को मृत घोषित कर दिया।
काजल के सीने के पास गहरा जख्म था। सूचना पाकर सीओ अशोक कुमार सिंह, बदलापुर एसआई प्रेमशंकर सिंह सीएचसी पहुंचे और परिवारवालों से पूछताछ की। उधर, महराजगंज एसओ ओमनारायण सिंह, एबीएस चौकी इंचार्ज हरिश्चंद्र सिंह ने घर पहुंचकर छानबीन की। परिजनों ने पहले गोली चलने से इंकार किया था।
हालांकि डॉक्टर और पुलिस ने गोली के जख्म होने की पुष्टि की। देर शाम फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। एएसपी ग्रामीण त्रिभुवन सिंह ने बताया कि देर रात पिता कुलदीप की तहरीर पर धर्मेंद्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। उसकी तलाश की जा रही है। पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट होगा कि गोली क्यों मारी थी।