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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा स्वामी रामभद्राचार्य का पैतृक गांव

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बदलापुर के इंदिरा चौक पर बेसिक शिक्षा मंत्री डा सतीश चंद्र दिवेदी का स्वागत करते भाजपा कार्यकर्? - फोटो : JAUNPUR
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सुजानगंज। पद्म विभूषण जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य का पैतृक गांव सार्डी खुर्द अब शचिपुरम के नाम से जाना जाएगा। प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह ने इसे मनरेगा गांव और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। गांव के तालाब को मनरेगा से संवारते हुए वहां पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सोमवार को स्वामी रामभद्राचार्य के 72वें जन्मोत्सव समारोह में राजनीति, शिक्षा और संत समाज के लोगों का जमावड़ा हुआ। स्वामी जी के दीर्घायु की प्रार्थना हुई तो उनकी बचपन की स्मृतियों से जुड़े गांव को नई पहचान देने का खाका खींचा गया।
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ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुझे सामाजिक जीवन में जो भी सम्मान मिला, उसमें बेल्हा माता के बाद गुरुजी का आशीर्वाद ही मुख्य है। उनके पैतृक गांव आकर खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि गुरुजी के इच्छानुसार यह गांव अब शचिपुरम के नाम से ही जाना जाएगा। इसे मनरेगा गांव के रुप में विकसित किया जाएगा। गांव के संपर्क मार्ग के दोनों तरफ फलदार, छायादार पौधे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में स्थित रौआ का ताल को मनरेगा से संवारने, नौका संचालन, ओपन जिम, पार्क आदि का निर्माण कराने को कहा, जिससे गांव को पर्यटन स्थल के रुप में पहचान मिल सके। इसकी जिम्मेदारी बीडीओ को सौंपी। गांव की बेटियों को ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत योजनाओं से जोड़ने का निर्देश डीएम को दिया। बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि इस धरती पर सबसे उपेक्षित रहने वाले दिव्यांगों के प्रति गुरुजी की श्रद्धा और प्रेम ने आज दिव्यांगजन को एक सम्मान का जीवन प्रदान किया। वास्तव में वह दिव्यांगों के लिए एक मसीहा हैं। उन्होंने गांव में शचिपुरम प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की घोषणा की। कानून मंत्री बृजेश पाठक ने गांव में प्रवेश मार्ग पर गेट का शिलान्यास किया। चित्रकूट दिव्यांग विवि के कुलपति योगेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि राम मंदिर संबंधित साक्ष्य को गुरुजी ने कोर्ट में प्रस्तुत किया था। वह हमेशा कहते थे कि मैं अपने दिव्य नेत्र से राम मंदिर का निर्माण देख रहा हूं। अब उनका ख्वाब पूरा हो रहा है। विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने गुरुजी के जिले से जुड़े होने पर खुद को गौरवान्वित बताया। इससे पहले अतिथियों ने फूल-मालाओं से स्वामी रामभद्राचार्य का अभिनंदन किया। इस मौके पर डीएम मनीष कुमार वर्मा, सीडीओ अनुपम शुक्ला, आचार्य रामचंद्र दास, गोपाल मिश्र, आनंद मिश्र, चंद्रकांत मिश्र, विनय सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, अनुज तिवारी, सचिन मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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गौरीशंकर धाम में किया पूजन, गांव के संस्मरण याद किए
सुजानगंज। जन्मोत्सव मनाने चित्रकूट आश्रम से गांव आए स्वामी रामभद्राचार्य ने सुबह गौरीशंकर धाम में पहुंचकर विधि पूर्वक पूजन किया। प्रारंभिक दिनों में वह यहां अक्सर आकर सुंदरकांड का पाठ करते थे। समारोह में गांव के जुड़े संस्मरणों को याद करते हुए कहा कि मेरी माता ने आजीवन मुझे कार्य के लिए उत्साहित किया। जब विवि बना रहा था तो उस समय सबसे पहले दान उन्होंने ही दिया था। गांव के प्रति प्रेम को प्रदर्शित करते हुए कहा कि जब मात्र दो माह की अवस्था में अपने नेत्र की रोशनी खो दिया तो इस गांव के लोगों ने कभी भी हतोत्साहित नहीं किया, बल्कि हर कदम पर साथ ख़े रहे। इस गांव के हर व्यक्ति हर वर्ग का ऋणी हूं। हर वर्ष यहीं जन्मदिन मनाऊंगा। नौ दिनों तक तुलसी पीठ के विद्वान यहां कथा की सुनाएंगे।
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