जौनपुर। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रांतों से आए 500 प्रवासी परिवारों को इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। जिन प्रवासियों का कार्ड बनाया जाना है, शासन ने उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। कार्ड परिवार के मुखिया का बनेगा, जिसके माध्यम से अन्य सदस्यों को लाभ मिलेगा। चयनित परिवार जिले के किसी भी अस्पताल में किसी भी बीमारी का पांच लाख तक का इलाज करा सकेंगे।
लॉक डाउन के बाद मुंबई, गुजरात, दिल्ली समेत दूसरे प्रांतों से ट्रेन, बस और निजी वाहनों से जिले में तीन लाख से अधिक प्रवासी परिवार आए हैं। दूसरे प्रांतों से इन परिवारों को इलाज कराने में किसी तरह की परेशानी हो, इसके लिए उन्हें आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया गया है। शासन से प्रवासी परिवारों की सूची मिलने के बाद उन्हें गोल्डन कार्ड देने के साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया करा दी जाएंगी। गोल्डन कार्ड मिलने के बाद प्रवासी परिवारों को इलाज कराने के लिए कहीं भटकना नहीं पडेगा।
आयुष्मान के लिए 33 अस्पतालों का हुआ है चयन
जौनपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहर चयनित परिवार को इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए जिले में 33 अस्पतालों का चयन किया गया है। इसमें 24 सरकारी और 9 निजी अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान योजना के तहत जिले में कुल 186688 लोगों को चयन पूर्व में हुआ है। जिसमें से 157449 लोगों को गोल्डन कार्ड बनाकर दे दिया गया है। अब कुल 4163 लोगों जिले में चयनित विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा चुके हैं।
शासन स्तर से चयनित 500 प्रवासी परिवारों की सूची आई है। इन परिवारों को आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। चयनित परिवार जिले के किसी भी आयुष अस्पतालों में अपना इलाज करा सकेंगे। चयनित परिवारों को शीघ्र ही गोल्डन कार्ड बना कर मुहैया करा दिया जाएगा।
- डॉ. आरके सिंह, प्रभारी आयुष्मान योजना जौनपुर।