नोटबंदी के 15 दिन बीतने के बाद भी एटीएम सेवा पटरी पर नहीं आ सकी है। गिनेचुने एटीएम बूथों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर एटीएम बूथों पर ताला लटक रहा है। जिन एटीएम बूथों का शटर खुला भी है तो वहां मशीन में कैश न होने का बोर्ड लगा दिया गया है। जिन एटीएम मशीनों में पैसे भरे जा रहे वहां रुपये निकालने के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं।
जिले में विभिन्न बैंकों के कुल 274 एटीएम बूथ हैं। शहर में एसबीआई और कुछ प्राइवेट बैंकों के गिनेचुने एटीएम को छोड़कर किसी भी एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे हैं।
जिसका नतीजा यह कि जिन एटीएम मशीनों में पैसे भरे जा रहे वहां लंबी लाइनें लग रही हैं। गुरुवार को एसबीआई के रुहट्टा स्थित एटीएम से पैसे निकालने के लिए लंबी लाइन लगी थी। यहां रुपये निकालने के लिए लाइन में लगे डढ़ियानाटोला निवासी मो. अकरम का कहना है कि घर के खर्चे चलाने के लिए पैसे नहीं रह गए हैं। बुधवार को बैंक में लाइन लगाया तो वहां काश खत्म हो गया।
आज एटीएम लेकर आया हूं शायद पैसा मिल जाए। वह लाइन में 42 लोगों के पीछे खड़े थे। सिविल लाइन स्थित एटीएम पर भी लंबी लाइन लगी थी। यहां पैसा निकालने के लिए लाइन में लगे मियांपुर निवासी शियाराम ने बताया कि घंटे भर से लाइन लगाए हैं। इस हिसाब से अभी दो घंटे बाद नंबर आ सकता है। क्या मालूम तब तक मशीन में पैसा रहेगा भी कि नहीं।
एलडीएम महेंद्र राय का कहना है कि नए नोट भरने के लिए एटीएम मशीनों को अपडेट कर दिया गया है।
कैश के अभाव में मशीनों में पैसा नहीं भरा जा पा रहा। कैश के लिए ऊपर के अधिकारियों को रोज मेल भेजा जा रहा है।