फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साथी पर हमले से गुस्साए अधिवक्ता एसपी से मिले

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के गौरा गांव में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता पवन कुमार गुप्ता व उनके परिवार वालों पर जानलेवा हमला की सूचना पर अधिवक्ता में आक्रोश है। अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिलकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग किया। एसपी ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
विज्ञापन

दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता पवन कुमार गुप्ता ने गुरुवार को बार के अध्यक्ष व प्रभारी मंत्री को प्रार्थना पत्र दिया कि 10 मार्च 2020 को सुबह नौ बजे बच्चों से रंग खेलने के विवाद को लेकर आरोपियों ने उनके घर वालों को मारपीट कर घायल कर दिया। जब वह बीच-बचाव करने पहुंचे तो उन्हें भी मारे पीटे, धमकी दिए। दूसरे दिन सुबह पुन: आरोपी अज्ञात बदमाशों के साथ लाठी व भाला लेकर गालियां देते हुए उनके दरवाजे पर चढ़ा आए तथा घर में घुसकर उन्हें व उनके परिवार के लोगों को मारे पीटे। गौराबादशाहपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
अधिवक्ता ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण
जौनपुर। दीवानी न्यायालय से पेशी के दौरान हत्यारोपी अनिल गौड़ के फरार होने के मामले में आरोपी अधिवक्ता राजनाथ यादव ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में गुरुवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उनके अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र दिया न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत पर छोड़ देने का आदेश दिया । गिरफ्तार किए गए अधिवक्ता कृष्ण मोहन यादव तथा अधिवक्ता संजय सिंह पहले ही अंतरिम जमानत पर रिहा हो चुके हैं । सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों को चिन्हित करने में लगी हुई है।फरार होने वाला इनामी हत्यारोपी अनिल गौड़ अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बता दें कि पुलिसकर्मी शेषनाथ यादव ने हत्यारोपी अनिल गौड़,अधिवक्ता कृष्ण मोहन व राजनाथ के खिलाफ विभिन्न धाराओं में लाइन बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था कि जब वह अन्य पुलिस वालों के साथ आरोपी अनिल गौड़ व अन्य आरोपियों को पेशी करा कर ले जा रहा था तभी वकीलों ने चाय पानी व पान खिलाने की बात कही।उसके मना करने पर वकीलों ने उसके साथ गाली गलौज व अभद्रता किया।इसी दौरान आरोपी अनिल गौड़ मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। शेषनाथ का आरोप है कि वकीलों ने साजिशन आरोपी को फरार कराया जबकि वकीलों का कहना है कि पुलिस वालों ने सुनियोजित ढंग से नाटक रच कर जानबूझकर वकीलों से हाथापाई किया और आरोपी को भागने में मदद की। अपना दोष पुलिस वालों ने वकीलों पर मढ़ दिया जिससे उनके खिलाफ कोई कार्यवाही न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें