जमीन कब्जा करने के आरोपों से घिरे कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव का शुक्रवार को कांग्रेसियों ने सद्भावना पुल तिराहे पर पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई।
इस मौके पर आयोजित सभा में सदर विधायक नदीम जावेद के प्रतिनिधि खुर्शीद अनवर खान ने कहा कि कैबिनेट मंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। कहा कि उनके इस्तीफा देने तक कांग्रेस आंदोलन करती रहेगी।
युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह ने कहा कि कैबिनेट मंत्री पिछले कई महीनों से गरीबों की जमीन पर कब्जा करने को लेकर सुर्खियों में रहे । एक चैनल द्वारा उनके पंचायत का स्टिंग आपरेशन करने का मामला सामने आने के बाद
उन्हें खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेसी पुतला न जला सके इसके लिए पुलिस ने चहारसू चौराहे पर उनकी घेराबंदी कर दी थी। बावजूद कांग्रेसियों ने कचहरी रोड सद्भावना पुल तिराहे पर पुतला दहन कर दिया। इस मौके पर जयमंगल यादव,
अविनाश विश्वकर्मा, जनमेजय सिंह, असीम अहमद, सिकंदर यादव, सुधीर सिंह, अनीस अहमद, दीपक मौर्य, लल्लू सलमानी, कमलेश बिंद, सब्बल अंसारी, अमीश श्रीवास्तव, अवनीश यादव, जितेंद्र लाला, मोहम्मद अफजल, बांके लाल
शुक्ला, पुष्पेंद्र निषाद, धनई राम मौर्य, संदीप यादव, दिलीप यादव, विपिन उपाध्याय, विवेक यादव, महेंद्र यादव, मोनू मौर्य मौजूद थे।
उधर, भाजपा नेताओं ने भी पारस नाथ यादव से इस्तीफे की मांग की है। पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि सरकार के मंत्रियों को कानून और संविधान हाथ में लेने का हक नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से
कैबिनेट मंत्री समझौते के दौरान चुनौती दे रहे हैं उससे न्यायालय के आदेशों का भी लगता है उन्हें भय नहीं है। सपा मुखिया को ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त करा देना चाहिए। भाजपा अधिवक्ता प्रकोष्ठ की बैठक जिला सदस्यता प्रमुख
सुशील उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उन्होंने कहा कि सपा का व्यवस्था पर कोई भरोसा नहीं है। वर्ना सरकार के एक कैबिनेट मंत्री प्रशासन की ऐसी धज्जी नहीं उड़ाते।
इस मौके पर अधिवक्ता प्रकोष्ठ के संयोजक रवींद्र नारायण सिंह, बृज मोहन शुक्ला, संदीप तिवारी, पंकज मिश्र, यादवेंद्र मिश्र, अनुपमा राय, डाॅ. संजय पांडेय, राजेश सोनकर, राजवीर सिंह और मनोज दुबे मौजूद थे।