स्थानीय रामलीला कमेटी पुरानी सब्जी मण्डी के की ओर से अन्तिम दिन शिव बजरंग रामलीला मण्डली चित्रकूट से आए कलाकारों ने मेघनाद वध, सुलोचना विलाप व अहिरावण वध का मंचन किया। लक्ष्मण द्वारा मेघनाद का वध दृश्य देखकर
दर्शक भाव विभोर हो उठे। रावण की पत्नी मन्दोदरी की आज्ञा से कुल की बहू सुलोचना अपने पति मेघनाद के कटे शीश को लेने रामा दल में पहुंची। सुलोचना के विलाप से प्रभु श्री राम का हृदय नम हो गया। भगवान श्रीराम ने कहा कि यदि तुम
कहो तो तुम्हारे पति का शीश ही नहीं बल्कि उन्हें जीवित कर दूं। भगवान की यह वाणी सुनकर दर्शक भाव-विभोर हो उठे। पूरा पंडाल भगराम राम के जयकारे से गूंज उठा। हनुमान जी के माया रूपी अहिरावण का वध कर भगवान राम और
लक्ष्मण को उसे राक्षस के बन्धन से मुक्त कराया। मुख्य रूप से श्री रामलीला कमेटी गुड़हाई के अध्यक्ष पशुपति नाथ मुन्ना, राजू गुप्त, लालजी गुप्त, लाल बहादुर सिंह, क्रान्ति गुप्त, विवेक सोनी, विनय आदि थे।