जौनपुर। टीडी इंटर कॉलेज सभागार में रानी अहिल्याबाई के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उनके व्यक्तित्व पर आधारित वाराणसी के कलाकारों ने नाटिका का मंचन किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सह प्रांत कार्यवाहिका राष्ट्र सेविका समिति काशी प्रांत डॉ. रंजना श्रीवास्तव ने उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया कि अहिल्याबाई ने बद्रीनाथ से लेकर रामेश्वरम तक और द्वारिका से लेकर पुरी तक अपनी राज्य की सीमाओं से परे जाकर मंदिरों एवं तीर्थ स्थान का पुनर्निर्माण किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में शिवलिंग की स्थापना, मंदिर का पुनर्निर्माण, गंगा जी के किनारे घाटों का निर्माण उनके द्वारा ही गया किया। 13 अगस्त 1795 को उनका परलोक गमन हो गया। संगोष्ठी के विद्यापीठ के सहयोग से संगत महाविद्यालय के 22 छात्रों ने माता अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित नाटिका मंचन किया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष डा. सत्य प्रकाश सिंह, संयुक्त क्षेत्र प्रचरिका उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड शारदा , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक प्रमुख काशी प्रांत रामचंद्र आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता इंद्रापाल ने की। संचालन डॉ. सीमा सिंह ने किया। संवाद