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केंद्रों पर नहीं बिक रहा धान, बिचौलियों के भरोसे किसान

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जौनपुर। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज की खरीद के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जिले में धान खरीद की सरकारी व्यवस्था फेल है। क्रय केंद्रों की दुर्व्यवस्थाओं के चलते किसानों ने उनसे मुंह मोड़ लिया है। वह बिचौलियों की शरण में जाकर औने-पौने दामों पर उपज बेचने को मजबूर हैं। बृहस्पतिवार को जिले के क्रय केंद्रों पर खरीद का जायजा लेने पर अधिकांश केंद्रों की स्थिति खराब दिखी। कहीं भी किसान नजर नहीं आए। अगर कहीं दिखे भी तो वह व्यवस्था से क्षुब्ध रहे।
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किसानों को उनकी उपज का वास्तविक मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने जिले में छह संस्थाओं को धान खरीद की जिम्मेदारी दी है। इनकी देखरेख में 115 क्रय केंद्र खोले गए हैं। एक नवंबर से चालू हुए इन केंद्रों को 72,700 एमटी धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष दो माह में 39 हजार एमटी ही धान की खरीद हो पाई है। किसानों की मानें तो यह खरीद का मुख्य सीजन है। जनवरी से खरीद की रफ्तार और सुस्त पड़ जाएगी। दो माह में लक्ष्य का 55 फीसदी ही धान खरीदे जाने के पीछे क्रय केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं को मुख्य वजह बताया जा रहा है। बताते हैं कि कागजों में क्रय केंद्र भले ही एक नवंबर से शुरू कर दिए गए, लेकिन बोरा, कांटा व अन्य सुविधाओं के बिना खरीद शुरू होने में ही आधा नवंबर बीत गया। इसके बाद क्रय केंद्रों पर नकदी का भी अभाव रहा। अग्रिम पंजीकरण, खतौनी की बाध्यता सहित अन्य औपचारिकता पूरी कर किसान केंद्र पर पहुंचते हैं तो उन्हें बिक्री के बाद खाते में पैसा भेजा जाता है। यह धनराशि भेजने में ही कई दिन बीत जाते हैं। वहीं बिचौलिए गांव में जाकर ही नकद देकर धान खरीद रहे हैं।
क्रय केंद्र पर न बोरा है न पैसा
करंजाकला। क्षेत्र में दो क्रय केंद्र खोले गए हैं। साधन सहकारी समिति पतहना के सचिव अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक 3213 कं्िवटल धान खरीद हुआ है। 21 किसानों के खाते में 50.97 लाख रुपये भेज दिया गया है। पंजीकृत 42 किसानों की धान खरीद अभी नहीं हुई है। क्रय केंद्र पर न तो बोरा है न ही पैसा। इसके चलते 16 दिसंबर से ही क्रय केंद्र बंद है। उच्चाधिकारियों को लगातार सूचना दी जा रही है, लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई है। साधन सहकारी समिति जंगीपुर खुर्द के सचिव अमरजीत ने बताया कि केंद्र पर 1945 क्विंटल धान क्रय किया गया है। इसमें 36 किसानों को पैसा देना है। 1835 रुपये की दर से खरीद की जा रही है। अब तक नौ लाख रुपये मिले हैं। 11 किसानों को खाते में पैसा भेजा गया है। कुल 85 किसान खरीद के लिए पंजीकृत किए गए हैं।
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कहीं बोरा तो कहीं पैसे के अभाव में खरीद ठप
जौनपुर। बक्सा विकासखंड के सहकारी संघ नौपेड़वा पर पिछले 15 दिनों से बोरे के अभाव में खरीद ठप है। सचिव वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बोरा न मिल पाने से खरीद में कमी आई है। अब तक करीब 600 क्विंटल की खरीद हुई है। वीरभानपुर सहकारी समिति के सचिव सत्र्ुरेंद्र शुक्ला ने बताया 1187 क्विंटल धान की खरीद हुई है। पूर्व सहकारी संघ पर भी करीब 2000 क्विंटल की खरीद की गई है। मडियाहूं के काजीपुर डीसीएफ खरीद केंद्र प्रभारी शंभूनाथ ने बताया कि कुल खरीद का लक्ष्य 3 हजार क्विंटल है, मगर अब तक 200 क्विंटल की खरीद हुई है। पैसे के अभाव में खरीद नहीं हो पा रही है। अब तक मात्र एक लाख रुपया ही मिला है। महराजगंज के क्रय केंद्र पर 125 किसानों से 6250.20 क्विंटल धान खरीदा गया है। यहां लक्ष्य 15 हजार क्विंटल है। राज्य कर्मचारी कल्याण निगम केवटली में केंद्र प्रभारी रामनाथ राम के मुताबिक 3090 क्विंटल की खरीदारी हुई है, जबकि लक्ष्य दस हजार क्विंटल का है। मछलीशहरा में विपणन गोदाम पर 9685, मुंगराबादशाहपुर में 11 हजार, सुजानगंज में छह हजार क्विंटल की खरीद हुई है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक वीरेंद्र कुमार ने तहसील क्षेत्र के दस केंद्रों से 3500 क्विंटल धान खरीदने की बात कही।
करीब 80 क्विंटल धान मुझे भी केंद्र पर देना है। मौसम की खराबी की वजह से केंद्र पर नहीं पहुंच सका। वैसे भी क्रय केंद्र पर बोरा और पैसा नहीं है। अभी देख रहे हैं। मौसम साफ होने पर ही केंद्र पर धान लाएंगे। -रवींद्र नाथ यादव, जंगीपुर खुर्द।
इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण रजिस्ट्रेशन के लिए ही कई दिनों तक परेशानी झेलनी पड़ी। काफी मुश्किलों से रजिस्ट्रेशन हुआ है। अब धान बेचने जाएंगे। पहले रजिस्ट्रेशन की बाध्यता नहीं थी। -कैलाश मौर्य, मछलीशहर।
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