क्षेत्र के महरूपुर मड़ैया गांव की चौहान बस्ती में रविवार की दोपहर आग लगने से सात परिवारों के 12 रिहायशी मड़हे और इसमें रखे गृहस्थी के सारे सामान जलकर राख हो गए।
इन परिवारों के पास आवास के नाम पर सिर्फ रिहायशी मड़हे ही थे। आग लगने से सातों परिवार बेघर हो गए। उनके पास शरीर पर मौजूद कपड़े ही बचे हैं। खाने पीने की सामग्री भी जलकर राख हो गई।
आग बुझाने के चक्कर में एक युवक झुलस गया। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। तहसीलदार सदर केएन तिवारी ने मौके पर पहुंच कर क्षति का आकलन किया।
अगलगी में पांच लाख से अधिक की क्षति बताई जा रही है। जफराबाद थाना क्षेत्र के महरूपुर मड़ैया गांव की चौहान बस्ती के अधिकतर लोग दोपहर में करीब दो बजे सो रहे थे।
इन परिवारों के कई सदस्य घर के सामने बगीचे में थे। तभी अचानक समर बहादुर चौहान के मड़हे में आग लग गई। बगीचे में मौजूद लोगों ने आग की लपट देखी तो शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के मड़हों में सो रहे लोग भागकर
बाहर आए। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन एक के बाद एक मड़हे आग की आगोश में आते गए। अगलगी की सूचना पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचा और किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका।
जब तक आग बुझाई गई तब तक बस्ती के सात परिवारों के 12 रिहायशी मड़हे और उसमें रखा सामान जलकर राख हो गया। अगलगी में समर बहादुर, सुभाष विजय कुमार और मान सिंह का एक एक मड़हा, आनंद चौहान का दो, राजेश
और अजय का तीन तीन मड़हे जलकर राख हो गए। आग बुझाने के चक्कर में मनीष चौहान (18) झुलस गया। स्थानीय एक निजी चिकित्सक से उसका उपचार कराया गया। तहसीलदार केएन तिवारी ने मौके पर पहुंच कर सभी
परिवारों के हुए नुकसान का आकलन किया। पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर से मदद दिलाने का उन्होंने भरोसा दिया।