आरोप है कि विवाहिता उल्टा परिवार को धमकी देने लगी कि अगर मामला आगे बढ़ाया गया तो वह खुदकुशी कर सबको फंसा देगी। इससे डरकर ससुराल वालों ने पूरा मामला उसके पति ज्ञानचंद्र को बताया। दीपावली के अवसर पर जब ज्ञानचंद्र घर लौटा, तो उसने पत्नी का मोबाइल फोन देखा और सारा राज खुल गया।
पति के मुताबिक उसने अपनी पत्नी के मायके वालों से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंत में उसने खुद ही निर्णय लेते हुए शुक्रवार को अपनी पत्नी के प्रेमी को तहसील परिसर में बुलाया। वहां उसने पहले अपनी पत्नी को तलाक दिया और फिर समाज के सामने उसकी शादी उसी प्रेमी प्रदीप गौतम से करा दी।
इस घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में है। ग्रामीणों का कहना है कि पति का यह कदम समाज में मिसाल तो बना, लेकिन यह भी दर्शाता है कि मोबाइल और आधुनिक संपर्क माध्यम किस तरह वैवाहिक रिश्तों को प्रभावित कर रहे हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक किरन कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। किसी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है।