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अफगानिस्तान संकट: काबुल में फंसे जौनपुर के मयंक और मऊ के विरेंद्र, टीवी पर हालात देखकर परिवार परेशान, मांग रहे खैरियत की दुआएं

Thu, 19 Aug 2021 01:24 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर/मऊ

सार

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां पर हालात बिगड़ गए हैं। उत्तर प्रदेश के जौनपुर के गोधना गांव के निवासी मयंक कुमार और मऊ जिले के विरेंद्र काबुल के पास एक स्टील फैक्ट्री में फंसे हुए हैं। 
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मयंक कुमार सिंह का परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट के समीप एक स्टील फैक्ट्री में 27 भारतीयों के फंसने की खबर आ रही है, जिनमें यूपी के जौनपुर निवासी मयंक और मऊ निवासी विरेंद्र भी शामिल हैं। अफगानिस्तान के हालात देख कर उनके परिवार वाले उनकी वतन वापसी की राह देख रहे हैं। लगातार टीवी पर अफगानिस्तान के हालात देखकर परिवार को चिंता सता रही है।

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जौनपुर जिले के लाइन बाजार थाना क्षेत्र से कचगांव रोड पर पांच किमी दूर गोधना गांव हैं। यहां के निवासी सत्य प्रकाश सिंह के बेटे मयंक कुमार सिंह काबुल स्थित खान स्टील लिमिटेड कंपनी में कार्यरत हैं। यह फैक्ट्री काबुल एयरपोर्ट से दो किमी दूरी पर स्थित है। इस समय मयंक काबुल स्थित फैक्ट्री में ही हैं। वह नवंबर 2018 को काबुल गए थे। इसी साल जून में आना चाहते थे, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं आ पाए।

पिता सत्य प्रकाश सिंह बताते हैं कि बुधवार शाम को भी उनकी बेटे मयंक से फोन पर बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि कंपनी चल रही है और उनके साथ 27 भारतीय भी हैं। कंपनी प्रबंधक द्वारा उन्हें भोजन आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। स्थिति नियंत्रण होने पर ही वह आ पाएंगे। वहीं मयंक की पत्नी आंचल और बेटे आदित्य के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही है।

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सत्य प्रकाश और परिवार के लोग पूरी तरह से डरे हुए हैं। वह बताते हैं कि पूरा परिवार टीवी पर नजर लगाए हुए हैं। साथ ही पूरा परिवार मयंक के सलामती की दुआ कर रहा है। उन्होंने सरकार से मांग किया है कि ऐसी कोई व्यवस्था की जाए और उनके बेटे सहित सभी भारतीयों को जल्द से जल्द वतन लाया जाए।

वहीं मऊ जिले के कोपागंज थाना के जयरामगढ़ निवासी विरेंद्र भी इसी स्टील फैक्ट्री में काम करते हैं। विरेंद्र ने वीडियो कॉल पर सुरक्षित होने की जानकारी दी है। इधर, उनके परिजनों को उनकी चिंता सता रही है। उनके घर पर ग्रामीण हालचाल लेने के लिए पहुंच रहे हैं। परिजनों ने भारत सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द उन्हें वापस लाया जाए। 
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