दो बसों में सवार सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए बुधवार को मीरगंज थाना क्षेत्र के अलापुर गांव पहुंचे। यहां मृत अधिवक्ता रामसुचित यादव की पत्नी शांति यादव से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।
अधिवक्ताओं ने उन्हें एक लाख की नकद सहायता राशि भी प्रदान की। अधिवक्ताओं को देखकर मृतक की पत्नी शांति और उनकी बेटियां फफक कर रो पड़ीं। बस से जाते वक्त सिकरारा थाने के सामने अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर
नारेबाजी की। अलापुर गांव पहुंचने के बाद हत्यारोपियों के घर पर भी अधिवक्ता गए जहां शराब की खाली बोतल, रैपर व कई अन्य आपत्तिजनक सामान भी देखा। अधिवक्ताओं ने बताया कि आरोपी के घर में एक तहखाना भी है। ग्रामीणों ने अधिवक्ताओं
को बताया कि कई शातिर बदमाशों का आना जाना भी इस परिवार में था। पूरा गांव बाहरी लोगों के आने से त्रस्त था। अधिवक्ता रामसुचित यादव इसका विरोध करते थे इसलिए उन्हें रास्ते से हटा दिया गया।
इस दौरान तीन थानों की पुलिस, सीओ, और पीएसी मौजूद थी। का नेतृत्व अध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह ने किया। इसमें अब्दुल सलाम, जय प्रकाश सिंह, आरपी सिंह, जितेंद्र उपाध्याय, डीपी सिंह, अवधेश सिंह
, सुभाष यादव, रमेश चंद्र पाल, अनिल सिंह, प्रशांत, पंकज श्रीवास्तव, महेंद्र सिंह, शैलेष मिश्र, बृजेश सिंह, रवींद्र विक्रम सिंह, हिमांशु श्रीवास्तव, शरदेंदु चतुर्वेदी, संतोष सोनकर, प्रेमनाथ पाठक शामिल थे।