मछलीशहर। तहसील में भ्रष्टाचार को खत्म करने समेत कई अन्य मांगों को लेकर आंदोलित अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को धरना स्थगित कर दिया जबकि न्यायालयों का बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया है। तहसील के अधिवक्ता तीस दिनों से हड़ताल पर हैं।
तहसील में अधिवक्ताओं व तहसीलदार अमित कुमार त्रिपाठी के बीच उपजे गतिरोध समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। जबकि एसडीएम अंजनी कुमार सिंह की पहल पर चार चरणों में वार्ता भी हो चुकी है। अधिवक्ताओं की मांग पर एसडीएम ने ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाला जनरेटर भी तहसील परिसर से अन्यत्र स्थानांतरित करा दिया है। इसके साथ ही कई माह से किसी नायब तहसीलदार के न होने पर न्यायिक प्रक्रिया बाधित होने पर सभी अविवादित पत्रावलियों को त्वरित निस्तारण के लिये तहसीलदार के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया है। इसके बावजूद अभी कुछ मांगों को लेकर गति रोध बना हुआ है। जबकि एसडीएम ने अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कुंवर भारत सिंह, महामंत्री अवनींद्र दुबे व संघ के अन्य पदाधिकारियों को पत्र लिखकर विवाद सुलझाने के लिये वार्ता के लिये आमंत्रित किया है।अध्यक्ष ने बताया कि 24 मार्च को अधिवक्ता संघ की बैठक में वार्ता व अन्य बिन्दुओं पर बिचार विमर्श कर अगली रणनीति तय करेंगे।