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अधिवक्ताओं ने बंदियों की नहीं होने दी पेशी, प्रदर्शन

Wed, 04 Nov 2015 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो जौनपुर।
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जिले में एक माह के भीतर दो वकीलों की हत्या से अधिवक्ता आंदोलित हो गए हैं। मंगलवार को नाराज अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए अदालत में पेशी के लिए आए बंदियों से भरी पुलिस वैन को बैरंग लौटा दिया। न्यायालयों में किसी भी बंदी की पेशी नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए प्रशासन को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे की मोहलत दी है। चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर डीएम और एसपी का घेराव किया जाएगा।
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दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता मीरगंज थाना क्षेत्र के अलापुर निवासी राम सुचित यादव की गला रेत कर हत्या के बाद उनका शव पवारा थाना क्षेत्र के चिताव गांव के पास पुलिया के नीचे फेंक दिया गया था। शव की पहचान न हो सके इसलिए आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उनका चेहरा जला दिया था। मामले में सात लोगों के खिलाफ अधिवक्ता की पत्नी शांती देवी ने केस दर्ज कराया है। लेकिन पुलिस सिर्फ तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है। बाकी चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। अभी गिरफ्तार नहीं कर सकी।
इसके पूर्व शाहगंज थाना क्षेत्र में 27 सितंबर को अधिवक्ता जितेंद्र यादव की भूमि विवाद को लेकर पड़ोसियों ने पीट पीट कर हत्या कर दी थी। एक माह में दो वकीलों की हत्या ने अधिवक्ता समुदाय को आंदोलन के लिए विवश कर दिया है। इसके अलावा हाल के दिनों में अधिवक्ताओं पर कई हमले हुए हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस उनके विवाद के मामलों में रुचि नहीं ले रही है।  बैठक की अध्यक्षता बार के अध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह ने की। प्रदर्शन के दौरान पहुंचे पुलिस अफसरों को भी उनके गुस्से का सामना करना पड़ा। संयुक्त मंत्री रमेश चंद्र पाल ने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो अधिवक्ता समाज हर लड़ाई लड़ने को तैयार है।
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