वाराणसी के ईपीएफओ परीक्षा में रविवार को इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस के साथ पकड़े गए जिले के शिक्षक पर विभागीय स्तर पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद ही वह कक्ष निरीक्षक के हत्थे चढ़ गया था।
मड़ियाहूं क्षेत्र के अजोसी गांव निवासी विनोद कुमार यादव वर्तमान में प्राथमिक पाठशाला सुदनीपुर में शिक्षक के पद पर तैनात है। उसकी नियुक्ति वर्ष 2018 में 68500 शिक्षक भर्ती में हुई थी। उसने लेखपाल की नौकरी छोड़कर शिक्षक का पदभार ग्रहण किया था। चार साल शिक्षक पद की नौकरी करने के बाद वर्ष 2024 में यूपीएससी की परीक्षा में चयन हुआ। शिक्षक पद पर अवैतनिक अवकाश लेकर वह पुणे में ईपीएफओ पद पर कार्यभार ग्रहण किया। छह माह तक नौकरी करने के बाद वह ईपीएफओ की नौकरी छोड़ पुन: शिक्षक पद पर आ गया। वाराणसी में नकल करते पकड़े जाने के इस गंभीर आरोप के बाद उनके शिक्षक पद पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बीएसए डॉ.गोरखनाथ पटेल ने बताया कि मौखिक जानकारी हुई है। वैसे खंड शिक्षा अधिकारी से आख्या मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।