बक्शा थाना क्षेत्र के अगरौरा गांव में शुक्रवार की रात अवैध पिस्टल से गोली मारकर युवक ने आत्महत्या कर ली। शनिवार की सुबह पुलिस ने असलहे को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मृतक के घर से एक डायरी में सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें लिखा है मेरी गलती माफी के काबिल नहीं है, मुझे माफ कर देना...।
अगरौरा गांव निवासी सुनील पाठक का करीब 30 वर्षीय बेटा कनिष्क उर्फ शिशिर पाठक गांव के बच्चों के साथ रामलीला के मंचन से पहले होने वाले रिहर्सल स्थल पर गया था। रात साढ़े नौ बजे के बाद शिशिर मोबाइल फोन पर बात करते हुए रिहर्सल स्थल से करीब 50 मीटर दूर कुर्सी पर बैठ गया। थोड़ी देर बाद तेज आवाज सुनकर लोग भागते हुए मौके पर पहुंचे तो कनिष्क उर्फ शिशिर पाठक खून से लथपथ दिखा। दाहिने सीने के नीचे लगी गोली देख वहां मौजूद लोगों ने शिशिर के घर सूचना दी। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने बताया कि घायल को परिजन आनन-फानन में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे ट्राॅमा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार भर्ती होने के कुछ ही देर बाद देर रात युवक की मौत हो गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही रात में ही ट्राॅमा सेंटर गए और घटना की जानकारी ली। सुबह घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की गई तो झाड़ी में फेंका गया अवैध असलहा बरामद हुआ। साथ ही घर में मिली डायरी में शिशिर का लिखा हुआ सुसाइड नोट भी बरामद हुआ।
पुलिस के हाथ शनिवार की सुबह मृतक के घर से डायरी मिली है। पुलिस के मुताबिक इस सुसाइड नोट में कनिष्क उर्फ शिशिर पाठक ने अपने से जुड़े लोगों को परेशान न करने की बात लिखी है। उसने लिखा है कि मैंने बहुत गलत किया है, एक इंसान को बहुत तकलीफ दी है। मैंने प्रायश्चित करने की कोशिश की, लेकिन मेरी गलती माफी के काबिल नहीं है। मुझे माफ कर देना। शिशिर ने पत्र में अपनी मां से भी माफी मांगी है और अंत में लिखा है, अब चलता हूं...।