पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वीका टूल के माध्यम से क्लासिफिकेशन एल्गोरिदम का व्यावहारिक प्रशिक्ष
मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से शुक्रवार को एआई एवं एमएल लर्निंग सीरीज का तीसरा व्याख्यान आयोजित किया गया। मशीन लर्निंग में सही एल्गोरिदम का चयन और उसके परिणामों का मूल्यांकन किसी भी मॉडल की उपयोगिता तय करता है। क्लासिफिकेशन एल्गोरिदम विषय पर आयोजित सत्र में 144 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विशेषज्ञ ने वीका टूल के माध्यम से वर्गीकरण एल्गोरिदम के प्रयोग और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की जानकारी दी। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित व्याख्यान में मुख्य विशेषज्ञ डॉ. अन्नुश्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों को क्लासिफिकेशन एल्गोरिदम की मूल अवधारणाओं से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि इन एल्गोरिदम का उपयोग डेटा के आधार पर विभिन्न श्रेणियों की पहचान करने में किया जाता है।
सत्र में विद्यार्थियों ने वीका टूल के माध्यम से इनकी कार्यप्रणाली को समझा। व्याख्यान के दौरान डिसीजन ट्री और के-नियरेस्ट नेबर्स (केएनएन) जैसे प्रमुख एल्गोरिदम पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि मशीन लर्निंग मॉडल के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए शुद्धता, परिशुद्धता और पुनः प्राप्ति दर जैसे मानकों का इस्तेमाल किया जाता है। डॉ. अग्रवाल ने ई-मेल में स्पैम की पहचान और बैंकिंग क्षेत्र में ऋण जोखिम के आकलन जैसे उदाहरणों के जरिये क्लासिफिकेशन एल्गोरिदम की उपयोगिता बताई। मशीन लर्निंग मॉडल विकसित करने के लिए डेटा का सही विश्लेषण, उपयुक्त एल्गोरिदम का चयन और परिणामों का उचित मूल्यांकन जरूरी है। वीका जैसे टूल विद्यार्थियों को अलग-अलग एल्गोरिदम के परिणामों की तुलना करने और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तलाशने में मदद करते हैं। प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रो. सौरभ पाल और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन समिति के सदस्य दिलीप कुमार यादव, अशोक कुमार यादव, कृष्ण कुमार यादव, डॉ. संतोष कुमार यादव और प्रवीण कुमार पांडेय ने संचालन में योगदान दिया।