सीआरपीएफ के दीवान विनय कुमार सिंह की फाइल फोटो। स्रोत- परिवार
शेरवां, मिर्जापुर। क्षेत्र के मनउर गांव निवासी सीआरपीएफ में दीवान विनय कुमार सिंह (39) की ट्रेन से गिर कर मौत हो गई। वह असम के शिवसागर में तैनात थे। वह 11 जनवरी को छुट्टी लेकर घर आने के लिए चले थे। लेकिन 13 जनवरी को घर नहीं पहुंचे तो परिजन परेशान हो उठे। उनसे फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। पत्नी रुबी सिंह 14 जनवरी पति को खोजने फ्लाइट से असम पहुंची। सीआरपीएफ कार्यालय में पति के मिसिंग की सूचना दी। विभागीय छानबीन में पता चला कि रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिला है। अब शनिवार की शाम को शव घर पहुंचा। जमालपुर थाना क्षेत्र के मनऊर गांव निवासी रामललित ने बताया कि बेटा विनय सीआरपीएफ बटालियन में दीवान था। नियुक्ति 2013 में ट्रेनर के तौर पर हुई थी। पत्नी की सूचना देने के बाद विभाग ने खोजबीन शुरू की तो पता चला कि रेलवे के हॉस्पिटल में एक लावारिस शव मिला है। विभाग के साथ रुबी सिंह रेलवे अस्पताल पहुंच कर शव का शिनाख्त की। शव की शिनाख्त हो जाने के बाद सीआरपीएफ ने रेलवे से शव को अपने कब्जे में ले लिया। विभागीय कार्रवाई के बाद शाम को पार्थिव शरीर ग्राम-मनऊर पहुंचा। रामललित ने बताया कि 11 जनवरी को ट्रेन के गार्ड ने स्टेशन मास्टर को बताया कि सिमलुगुड़ी स्टेशन से 10 से 12 किलोमीटर पहले रेलवे ट्रैक के किनारे शव पड़ा है। विनय के परिवार में एक पुत्री श्रृष्टि और पुत्र शक्ति हैं। मां गायत्री देवी और पत्नी रुबी का रो-रोकर हाल बेहाल है।
जवान का शव पहुंचा घर, दी गई सलामी -शेरवां। सीआरपीएफ जवान विनय कुमार सिंह का शव शनिवार की देर शाम पैतृक आवास मनऊर गांव पहुंचा। बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों की उपस्थिति में सीआरपीएफ के जवानों ने सलामी दी। इस मौके पर जमालपुर थाने की पुलिस भी मौजूद रही। पिता रामललित सिंह ने कहा कुछ नहीं कह सकता। ईश्वर को जो मंजूर था वहीं हुआ। गांव वालों ने बताया कि विनय कुमार सिंह काफी मिलनसार व्यक्ति थे। इनकी मौत से गांव वालों को आघात लगा है। पूरे गांव में मातम पसरा है।