जौनपुर। बीएससी कृषि चतुर्थ वर्ष के फेल छात्रों कोे एक्स स्टूडेंट के रूप में एक वर्ष फिर पढ़ाई करनी पडे़गी। उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने का कोई प्रावधान नहीं है। परीक्षा समिति के निर्णय से छात्रों को काफी झटका लगा है।
छात्र परीक्षा समिति के निर्णय का इंतजार कर रहे थे। समिति ने कापियों के मूल्यांकन से इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन के दौरान कुलपति ने आश्वासन तो दिया था लेकिन परीक्षा समिति इसके लिए तैयार नहीं हुई। सत्र 2011-12 की मुख्य परीक्षा में फेल होने वाले टीडी पीजी कालेज जौनपुर और पीजी कालेज गाजीपुर के 165 छात्रों को एक्स स्टूडेंट के रूप में एक वर्ष फिर परीक्षा देनी होगी। चतुर्थ पेपर में फेल छात्र श्रेणी सुधार परीक्षा में भी शामिल नहीं हो पाएंगे। शुक्रवार को परीक्षा समिति ने बैठक में साफ कर दिया कि उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था नहीं है। कुलपति केआश्वासन से छात्रों को उम्मीद थी कि उन्हें न्याय मिलेगा। परीक्षा समिति के निर्णय से छात्र मायूस हो गए। रिजल्ट ठीक कराने को लेकर छात्रों ने अनशन तक किया था। कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव के हस्तक्षेप पर कुलपति ने अनशन खत्म कराया था। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनके साथ अन्याय कर रहा है।