सिकरारा/बरईपार। सिकरारा के गोहदा गांव में रविवार सुबह भूमि विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को पीट कर मार डाला। लाठी, डंडे और गड़ासे से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया। दोनों भाइयों में बड़े भाई की इकलौती बेटी को जमीन का हिस्सा देने पर विवाद चल रहा था। पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश दी लेकिन वे फरार मिले।
गोहदा गांव निवासी रामहित मौर्य, जीत लाल मौर्य (60), मोती लाल मौर्य सगे भाई हैं। कई वर्षों पहले सबसे बड़े भाई रामहित की मौत होने पर उनकी पत्नी धनेजा देवी की शादी जीत लाल से करा दी गई। धनेजा को पहले से एक बेटी थी। जीत लाल से शादी के बाद धनेजा को दो बेटे लाल बहादुर, रामजनक हुए। जीत लाल ने कलावती की शादी की लेकिन कुछ वर्षों बाद उसका तलाक हो गया और वह मायके में रहने लगी। जीत लाल, मोती लाल का परिवार अलग-अलग रहता है। धनेजा इस समय डीएम कार्यालय में संविदा पर परिचारक हैं और लाल बहादुर भी जौनपुर में सफाईकर्मी है। मां, बेटा शहर में ही किराए का मकान लेकर रहते हैं। जबकि जीत लाल, कलावती, रामजनक का परिवार और लाल बहादुर की पत्नी अमरावती गांव में हैं। बताते हैं कि रामहित, जीत लाल और मोती लाल के नाम गांव में एक जमीन है। जीत लाल चाहते थे कि जमीन का बंटवारा होेने पर कलावती को अलग से हिस्सा मिले लेकिन मोती इसका विरोध कर रहा था। घर में विवाद न सुलझने पर मामला कोर्ट तक पहुंचा। शनिवार को जमीन की पैमाइश करने लेखपाल और कानूनगो भी पहुंचे थे लेकिन फोर्स उपलब्ध न होने से पैमाइश नहीं हो सकी। पैमाइश होने के नाते लाल बहादुर भी घर आया था। रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे लाल बहादुर पड़ोसी सूरज के साथ गेहूं लेकर जौनपुर के लिए निकला। अभी वह घर से कुछ दूर आगे ही बढ़ा था कि पहले से घात लगाए मोती लाल, पड़ोस के प्रहलाद और दो अन्य लोगों ने लाल बहादुर (40) को पीटना शुरू कर दिया। लाल बहादुर को पिटता देख सूरज वहां से भागा। घर लौट कर जीत लाल को घटना की जानकारी दी। जीत लाल और परिवार के अन्य लोग भाग कर मौके पर पहुंचे। मोती और प्रहलाद ने लाल बहादुर को छोड़ लाठी, डंडा और गड़ासे से जीत लाल को पीटना शुरू कर दिया। बीच बचाव में कलावती (50), अमरावती (35), रामजनम की पुत्री प्रियंका (12) को भी चोट आई। घटना की सूचना पर जब तक पुलिस मौके पर पहुंची मोती लाल, प्रहलाद और उनके साथी भाग चुके थे। घायल जीत लाल, लाल बहादुर, कलावती, अमरावती, प्रियंका को लेकर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। लाल बहादुर की तहरीर पर मोती, प्रहलाद समेत चार के खिलाफ धारा 504, 323 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। इसी बीच उपचार के दौरान जीत लाल की मौत हो गई। गांव में इस बात की भी चर्चा थी कि जीत लाल और मोती लाल के घर के सामने ग्राम समाज की एक जमीन है। मोती इस पर कब्जा करना चाहता था लेकिन जीत लाल इसका विरोध कर रहा था। शाम करीब चार बजे एसओ शमशेर बहादुर सिंह, चौकी प्रभारी भीलमपुर राम सिंह ने आरोपी मोती लाल, प्रहलाद के घर दबिश दी लेकिन दोनों फरार मिले।