जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सत्र 2013-14 की मुख्य परीक्षा में व्यापक पैमाने पर नकल हुई है। उड़ाका दल ने परीक्षा के दौरान 94 कालेजों में सामूहिक नकल कराने की शिकायत की थी। विवि ने मूल्यांकन के दौरान आरोपी कालेजों की कापियों को अलग करवाकर उन्हें अनफेयर मीन कमेटी को सौंप दिया गया। कमेटी ने जांच रिपोर्ट वीसी को सौंपनी शुरू कर दी है। कार्रवाई से विवि से संबद्ध चार जिलों के आरोपी कालेजों के होश उड़े हुए हैं।
परीक्षा के दौरान उड़ाका दल को परीक्षा केंद्रों पर बड़े पैमाने पर खामियां भी मिली थीं। उड़ाका दल की रिपोर्ट पर आरोपी कालेजों की कापियां पहले ही अलग करा ली गई थीं। परीक्षा खत्म होने के बाद विश्वविद्यालय ने इन कालेजों की कापियों को यूएफएम (अनफेयर मीन) कमेटी को जांच कराने के लिए सौंप दिया है। यूएफएम कमेटी बारी-बारी से सभी कालेजों की कापियों की जांच विषय विशेषज्ञों से कराएगी। कमेटी ने विषय विशेषज्ञों की मौजूदगी में अब तक 12 कालेजों की कापियों की जांच कर रिपोर्ट बंद लिफाफे में कुलपति को सौंप दिया है। सत्र 2012-13 की मुख्य परीक्षा के दौरान विवि से संबद्ध चार जनपदों के कुल 33 कालेजों पर सामूहिक नकल कराने का आरोप तय हुआ था। सत्र 2013-14 की मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम तैयार होते समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी कालेजों को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया था। परीक्षा कार्यक्रम और केंद्रों की संख्या तय हो जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन-फानन में परीक्षा समिति की बैठक बुलाकर आरोपी कालेजों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया। रिजल्ट प्रभावित न हो, इस नाते कमेटी ने यूएफएम की कापियों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक 12 कालेजों की कापियों की जांच कर विषय विशेषज्ञों ने कुलपति को सौंप दिया है। आरोपी कालेजों की नजर यूएफएम कमेटी के निर्णय पर टिकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन नकल रोकने के लिए क्या कदम उठाता है, यह तो कमेटी की रिपोर्ट और परीक्षा समिति के निर्णय के बाद ही साफ हो पाएगा। यूएफएम कमेटी के समन्वयक प्रो. बीवी तिवारी ने कहा कि इस मसले पर अभी कालेजों की संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस संबंध में जल्द ही बैठक की जाएगी।
, उसमें तय किया जाएगा कि कितने कालेज हैं।