डॉक्टरों ने ऑपरेशन भी कर दिया था और वह स्वस्थ भी हो रहा था। रविवार को वह अपने परिजनों से भी बातचीत कर रहा किया था। लेकिन सोमवार सुबह अचानक उसकी तबीयत पुन: खराब हो गई। डाक्टरों ने उसका कोविड की जांच करवाई तो वह पॉजिटिव पाया है। वहीं, मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम डा. रंजना भारती, डा. राघवेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में गांव में भेज दी गई। टीम गांव में आशा कार्यकर्ता की मदद से 45 घरों का सर्वे किया किया और सिकंदर के संपर्क में आने वाले 27 लोगों की पहचान किया। वहीं, देर शाम वाराणसी में ही दाह संस्कार कर दिया गया।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुइथाकला डा. सूर्यकांत यादव ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने और मौत की सूचना पर गांव में रैपिड रिस्पांस टीम जाकर मृतक के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान किया एवं 45 घरों का सर्वे कराया गया है। पांच दिन बाद इन सभी लोगों का सैंपल किया जाएगा। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। कंट्रोल रूप को सक्रिय करने को कहा। साथ ही मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
जिला अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट के संक्रमित होने से हड़कंप मच गया। मंगलवार को एक्स-रे रूप में काम करने वाले सभी लोगों का कोविड जांच कराया गया। साथ ही तीन लोगों के बुखार आने की खबर से दिनभर लोग डर गए थे। वहीं, पूरे दिन 38 लोगों का एक्स-रे भी किया गया है। जबकि 30-40 लोगों को वापस किया गया है।
ऐसे में चर्चा थी कि यदि कोई संक्रमित मिला तो एक्स-रे कराने वाले भी संक्रमित हो सकते हैं। वहीं, जिला अस्पताल में भी बहुत से लोग बिना मास्क के टहलते देखे गए। दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर में मंगलवार को डॉ. मनीष यादव तथा सुल्तानपुर जनपद में एक एएनएम के पद पर कार्यरत ग्राम सलामतपुर की निवासी अर्चना यादव पाजिटिव पाई गई हैं।
इसकी खबर लगते ही हड़कंप मच गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. संजय दुबे ने बताया कि कोरोना वायरस पाए गए डा. मनीष यादव एवं एएनएम अर्चना सिंह को होम आइसोलेशन की सलाह दी गई है। उन्हें दवा की किट भी दिया गया है। उन्हें यह सलाह दिया गया है कि आप किसी भी दशा में लोगों के संपर्क में ना रहे।