योजना में पात्र-अपात्र का सत्यापन शुरू हुआ तो चौंकाने वाले नाम सामने आए। जनपद में इसका लाभ इस समय कुल सात लाख 56 हजार 451 किसान पा रहे हैं। इसमें से 9541 किसान ऐसे पाए गए हैं, जो आयकरदाता हैं। बावजूद इसके योजना का लाभ ले रहे थे। जबकि यह अपात्र की श्रेणी में आते हैं, जिनको भारत सरकार की वेबसाइट ने चिह्नित किया है।
इसके अतिरिक्त अन्य कृषक जो भूमिहीन है। वह भी योजना के अंतर्गत अपात्र है, जबकि उन्हें भी योजना का लाभ मिल रहा है। ऐसे किसानों को चिह्नित करके उनको योजना के तहत मिली धनराशि की वसूली का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि अब तक 632 आयकरदाताओं ने कृषि विभाग द्वारा जारी किए गए बैंक अकाउंट में 30 लाख रुपये भेज दिया है।
भारत सरकार की वेबसाइट ने पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पा रहे 9541 अपात्र किसानों को चिह्नित किया है, जो आयकरदाता हैं। यह किसान योजना के तहत अपात्र की श्रेणी में आते हैं। इसमें से 632 आयकर दाताओं ने 30 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। शेष अपात्र किसान स्वयं योजना की धनराशि दिए गए खाते में जमा कर दें। ऐसा नहीं होने पर संबंधित किसान को आरसी जारी कर 10 प्रतिशत ब्याज के साथ धनराशि की वसूली की जाएगी। - जयप्रकाश, उप कृषि निदेशक