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Jaunpur News: बीएड की पहली काउंसिलिंग में 60 से 70 फीसदी सीटें रह गईं खाली

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जौनपुर। बीएड की पहली काउंसिलिंग की तिथि बीत चुकी है लेकिन अभी भी महाविद्यालयों में बीएड की 60 से 70 फीसदी सीटें खाली रह गई हैं। काउंसिलिंग के बाद तमाम छात्रों ने अभी तक महाविद्यालयों में रिपोर्ट नहीं की है। इसके चलते प्रवेश की स्थिति साफ नहीं हो पा रही है।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी की तरफ से बीते एक जून को यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित किया गया था। प्रवेश परीक्षा का परिणाम 16 जून को घोषित किया गया। काउंसिलिंग की तिथि घोषित हुई। पहली काउंसिलिंग के लिए 25 अगस्त तक की तिथि तय की गई थी। जो छात्र काउंसिलिंग में शामिल हुए, उनको 13 सितंबर कर प्रवेश के लिए काॅलेज में रिपोर्ट करनी है। अभी तक काॅलेजों में 30 से 35 फीसदी सीटों पर ही दाखिला हो पाया है। तमाम छात्र ऐसे हैं जो काउंसिलिंग में तो शामिल हुए लेकिन अभी तक अलाट हुए काॅलेज में पहुंच कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है। कुछ महाविद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए अभी तक एक भी छात्र नहीं पहुंचे हैं। एडेड महाविद्यालयों को छोड़ दिया जाए तो निजी महाविद्यालयों में दाखिला की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। प्रवेश के लिए छात्रों के नहीं पहुंचने से सीटें खाली रहने की आशंका है। रामदेव महाविद्यालय सिरौली मीरगंज के प्राचार्य डाॅ. अरुण कुमार यादव ने बताया कि उनके महाविद्यालय में बीएड की 100 सीटें हैं। अभी तक 40 सीटों पर ही छात्रों ने प्रवेश लिया है। छात्र काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश लेने के बजाय सीधे दाखिला लेने में रुचि ले रहे हैं। सैनिक गिरजा शंकर महाविद्यालय केराकत के प्राचार्य डाॅ. बालमुकुंद पांडेय ने बताया कि उनके यहां बीएड की 100 सीटें हैं लेकिन अभी तक एक भी छात्र प्रवेश के लिए नहीं आया है। उदासीनाचार्य महाविद्यालय पिलखिनी के प्रबंधक रविंद्र प्रताप सिंह, बाबा प्रसिद्ध नारायण महाविद्यालय बगथरी के अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बीएड में दाखिला की स्थिति ठीक नहीं है। अभी तक कहीं एक छात्र तो कहीं दो छात्र प्रवेश की जानकारी के लिए पहुंचे हैं। वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर के 64 और गाजीपुर जनपद के 129 महाविद्यालयों में बीएड की करीब सोलह हजार सीटों पर प्रवेश होना है। एडेड कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया कुछ हद तक ठीक चल रही है लेकिन निजी कॉलेजों में स्थिति ठीक नहीं है।
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