पुलिस लाइन सभागार में रविवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इंफोसर्स की कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पूरे विश्व में करीब 60 लाख लोग हर वर्ष तंबाकू खाने से अपनी जान गंवाते हैं। विश्व में हर 6.5 सेकेंड में एक धूम्रपान करने वाले की मौत होती है। भारत में कैंसर से मरने वाले 100 रोगियों में से 40 तंबाकू से मरते हैं।
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे-2021 जारी किया है। इसके अनुसार 23 प्रतिशत लड़के और 24 प्रतिशत लड़कियां किसी न किसी रूप में तंबाकू उत्पादों का उपयोग करते हैं। 22 प्रतिशत विद्यार्थी सार्वजनिक स्थानों पर परोक्ष धूम्रपान कर रहे हैं। ग्लोबल एडल्ट्स टोबैको सर्वे-2 (गैट्स-2) की रिपोर्ट से पता चलता है कि 23.1 प्रतिशत पुरुष, 3.2 प्रतिशत महिलाएं और वयस्कों का 13.5 प्रतिशत इस समय तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में तंबाकू नियंत्रण कानून कोटपा-2003 लागू है। क्षेत्रीय समन्वयक दिलीप पांडेय ने तंबाकू मुक्त किए जाने के लिए कार्य करने पर बल दिया। बताया कि तंबाकू अधिनियम 2003 में सार्वजनिक स्थानों जैसे सभागृह, अस्पताल भवन, रेलवे स्टेशन प्रतीक्षालय, मनोरंजन केंद्र, शासकीय कार्यालय, न्यायालय परिसर, शिक्षण संस्थानों, पुस्तकालय, लोक परिवहन स्थलों पर धूम्रपान करना अपराध है। उल्लंघन करने पर 200 रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है। इस मौके पर जयप्रकाश गुप्ता, एएसपी ग्रामीण एसके सिंह, सभी थानाध्यक्ष, प्रभारी थानाध्यक्षों, सभी क्षेत्राधिकारी तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार राय ने भाग लिया।