शहर के तिलकधारी सिंह पोस्ट ग्रेजुएट कालेज के उमानाथ सिंह स्टेडियम में शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन किया गया, जिसमें एक ही मंडप में 546 जोड़ों की शादी धार्मिक रीति-रिवाज से हुई। इस दौरान जोड़ों ने सात फेरे लेते हुए साथ जीने मरने की कसमें खाई। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री आवास एवं शहरी नियोजन गिरीश चंद्र यादव, राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी और विधायक डा. हरेंद्र प्रसाद सिंह ने विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। साथ ही उपहार और प्रमाणपत्र सौंपा।
राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस योजना के माध्यम से दहेज को समाप्त करने का कार्य कर रही है। पिता को बेटी के पैदा होते ही शादी की चिंता सताने लगती थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबकी चिंता करते हुए उन गरीब पिता की बेटियों की मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के तहत विवाह कराने की जिम्मेदारी ली। राज्यसभा सदस्य सीमा ने कहा कि बेटी-बेटे में कोई फर्क नहीं है। अब बेटियां परिवार के लिए बोझ नहीं हैं। गरीब बेटियों की शादी की चिता सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं है। मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ल ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 10 हजार रुपये का सामान, 35 हजार रुपये का चेक दिया गया। संचालन अपर जिला कृषि अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने किया। इस मौके पर उपायुक्त मनरेगा भूपेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कमलेश कुमार मौर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील सिंह आदि मौजूद थे।