जौनपुर। जिले की 511 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं विद्युत सखी बनकर स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रही हैं। ये महिलाएं अपने गांवों में बिजली विभाग की समस्याओं को हल करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन रही हैं।उपायुक्त स्वरोजगार जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अब 500 और महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में चयनित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ये महिलाएं बिजली का बिल जमा कर उससे मिलने वाले कमीशन के माध्यम से कमाई करेंगी। इस पहल से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी। ऊर्जा निगम और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने मिलकर यह नवाचार शुरू किया है।
महिलाओं ने इस कार्य को चुनौती के रूप में स्वीकार किया है और दक्ष विद्युत सखियां बनकर अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने बताया कि विद्युत सखी योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वे न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि अपने समुदायों में बिजली संबंधी मुद्दों को भी सुलझा रही हैं। बिल जमा करने से मिलने वाला कमीशन उनकी कमाई का मुख्य स्रोत है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सेवाओं को बेहतर बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। इस तरह यह योजना दोहरे लाभ प्रदान कर रही है।