करंजाकला। बीएड काॅलेजों में प्रवेश के लिए तीन चरणों की काउंसलिंग और पूल काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज में 50 प्रतिशत सीटें भी अभी तक नहीं भर सकी हैं। सीटें भरने के लिए कॉलेज को सीधे प्रवेश लेने का अवसर भी दिया गया, बावजूद इसके सीटें नहीं भर सकीं।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के संयोजन में आयोजित पहले चरण की काउंसलिंग से ही बीएड में दाखिले को लेकर अभ्यर्थियों की अरुचि सामने आने लगी थी। पहले चरण में तो कई काॅलेज के प्रवेश का खाता भी नहीं खुल सका था। ज्यादातर कॉलेज पांच से 10 सीट पर प्रवेश तक सीमित रह गए। पूल काउंसलिंग में शामिल होने के लिए भी बहुत कम छात्र पहुंचे थे।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध 194 बीएड कॉलेज की 16700 सीटों के सापेक्ष मात्र 8500 सीटों पर ही प्रवेश हो सका है। विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाज़ीपुर के बीएड कॉलेज की 8000 से ज्यादा सीट खाली रह गई हैं। 194 से ज्यादा कॉलेज के हिस्से में मात्र 8500 प्रवेश ही हो पाया है।
बीएड काॅलेजों सीटों की स्थिति
जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों की संख्या 194 है। बीएड कॉलेजों में कुल 16700 सीटें हैं। बीएड कॉलेजों में अभी तक कुल 8500 सीटों पर ही दाखिला हो पाया है। आठ वित्तपोषित कॉलेजों में कुल 400 सीटें हैं। स्ववित्तपोषित 186 महाविद्यालय में बीएड की पढ़ाई होती है। विवि से जुड़े 140 कॉलेज में 100 -100 सीटें हैं, जबकि 50 कॉलेज में 50-50 सीटें आवंटित हैं।
बीएड प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी को सौंपी गई है। काउंसलिंग के जरिए प्रवेश प्रक्रिया भी उन्हीं के द्वारा पूरी कराई जा रही है। महाविद्यालय आवंटन के बाद उसकी सूचना विश्वविद्यालय को आती है, जिसकी परीक्षा विश्वविद्यालय करता है। बीएड की काफी सीटें खाली रह गई है। - अमृतलाल, सहायक कुलसचिव शैक्षणिक पूविवि जौनपुर