जौनपुर। लोकसभा चुनाव में रोडवेज की 50 बसों को दूसरी खेप में भेजने की तैयारी है। इस क्रम में एक मई को सात बसें, आठ को 12 बसें, 14 मई को दो बसें, 27 को 29 बसें चुनावी ड्यूटी में भेज दी जाएंगी। इससे डिपो में बसों का अभाव होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
जौनपुर डिपो में निगम और अनुबंधित मिलाकर कुल 82 बसें हैं। लोकसभा चुनाव में बूथों पर सुरक्षा बलों को लाने और ले जाने के लिए रोडवेज बसों की मांग की जा रही है। अब तक 35 बसों को चुनावी ड्यूटी में भेज दिया गया है। अब मई माह में 50 बसों की और मांग की गई है। हालांकि डिपो में मौजूदा समय में 47 बसें ही शेष बचेंगी। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जो पहले 35 बसें चुनाव में गई हैं तब तक वे बसें वापस आ जाएगी। इसमें से 50 बसों को चुनावी ड्यूटी के लिए भेजी जाएगी। जिसकी तैयारी की जा रही है। ऐसे में डिपो में बसों की संख्या कम हो जाने से यात्रियों की समस्या और बढ़ेगी। यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ेगा।
राजस्व का होगा नुकसान
चुनावी ड्यूटी में रोडवेज की बसें लगने से यात्रियों को तो परेशानी झेलनी ही पड़ेगी, राजस्व का नुकसान भी होगा। हालांकि रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार चुनाव आयोग बसों का भुगतान करेगा, लेकिन यह प्रतिदिन होने वाली कमाई से कम होगा। रोडवेज की प्रतिदिन की कमाई करीब नौ से 10 लाख रुपये हैं।
वर्जन ...
चुनावी ड्यूटी में 50 बसों की डिमांड और आई है। इन बसों को मई माह में अलग अलग दिनों में भेजी जाएगी। तब तक पहले से गई कुछ बसें वापस आ जाएगी। यात्रियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े इसलिए लोकल मार्गाें पर चलने वाले बसों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। - ममता दुबे, एआरएम, जौनपुर डिपो।